समाजवादी गढ़ इटावा को भगवामय बनाने में जुटी BJP, सपा नेताओं की उड़ी नीद

punjabkesari.in Monday, Feb 22, 2021 - 06:59 PM (IST)

इटावा: समाजवादी पार्टी का गढ़ रहे उत्तर प्रदेश के इटावा में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों की सक्रियता राजनैतिक हलको में जोरदार चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। जिससे समाजवादी पार्टी के नेताओं की नींद उड़ी हुई है। अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के तीन दिन के अधिवेशन के आज पहले दिन प्रदर्शनी का शुभांरभ पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया ने किया। कठेरिया ने अपने संबोधन मे कहा कि कभी वो भी अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के सदस्य हुआ करते थे और आज आप देख सकते हैं वो कहां पर आ गये हैं।

उन्होंने कहा कि इस संगठन के प्रतिनिधियों का फीस माफ करने का काम नहीं होता है और ना ही प्रधानाचार्य के सामने प्रदर्शन करने का समय होता है। इस संगठन के प्रतिनिधि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वाह करते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कानपुर प्रांत का 60 वां तीन दिनी प्रांत अधिवेशन 22 से 24 फरवरी तक आयोजित हो रहा है। दूसरे दिन राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक सम्मेलन में शामिल होगे।

अखिल भारतीय विधार्थी परिषद का यह अधिवेशन पहली बार इटावा में हो रहा है। जिसे इटावा के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। तीन दिन का अधिवेशन डॉ.भीमराव आंबेडकर कृषि इंजीनियरिग कालेज में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के 500 चुने हुए कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। अधिवेशन को लेकर विद्यार्थी परिषद के 200 कार्यकर्ता प्रचार प्रसार व व्यवस्था जुटाने में दिन रात जुटे रहे। मई 2017 में विहिप की दुर्गा वाहिनी का प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न कराया गया जिसे राजनैतिक तौर पर काफी अहम माना गया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के गृहनगर इटावा में दक्षिण में यमुना किनारे स्थित श्री सिद्ध गुफा जीव रक्षा गौशाला में विश्व हिंदू परिषद के महिला अनुसांगिक संगठन दुर्गावाहिनी कानपुर प्रांत का अभ्यास वर्ग आयोजित किया। इससे पहले मई 2019 में बंजरग दल का इटावा के के.के. डिग्री कालेज में 26 मई से 3 जून तक शौर्य प्रशिक्षण समारोह आयोजित कराया जा चुका है। बंजरग दल के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में कानपुर प्रान्त के अंतर्गत 21 जिलों के करीब 200 कार्यकर्ताओ ने 26 मई से 3 जून तक कार्यक्रम में भाग लिया। सप्ताह भर प्रवास में राष्ट्र रक्षा के अलावा अन्य संकटों से निपटने के करतब भी सीखें। इस कार्यक्रम में सभी शिक्षाथिर्यो को दंड, राइफल और बाघा के कठिन समस्याओं को निपटने के गुर सिखाये गये।

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Umakant yadav