कोरोना वायरस को दावत दे रहा स्वास्थ्य विभाग! बिना वैक्सीन लगाए ही ग्रामीणों के जारी कर दिए सर्टिफिकेट

punjabkesari.in Wednesday, Aug 11, 2021 - 12:22 PM (IST)

मैनपुरी: पूरे देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए इसके प्रचार प्रसार और योजना पर लाखों रुपये खर्च किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उनकी इस गंभीरता को शिथिलता में बदलते हुए पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मैनपुरी में देखने को मिला। जहां ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन के कार्ड तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन उन्हें कोरोना वैक्सीन की खुराक नहीं मुहैया कराई गई। आरोप यहां तक है कि कार्ड जारी किए हुए डेढ़ माह बीत चुका है लेकिन अभी तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन के नाम पर देखने तक नहीं आया।

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पूरा मामला जनपद मैनपुरी के विकासखंड घिरोर के ग्राम लपगवा का है। जहां बीते 24 जून को शासन की मंशा के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना वैक्सीन लगाने हेतु एक कैंप का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है गांव में कुछ लोगों के कार्ड तो जारी हुए पर उनको वैक्सीन नहीं लगाई गई। गांव में पहुंचकर जब ग्रामीणों से बात की तो पता चला। उनको पहला डोज चढ़ाकर वेक्सिनेशन कार्ड तो जारी कर दिया लेकिन वैक्सीन नहीं लगी। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को बड़ी लापरवाही दिखाते हुए वैक्सीन ना लगा कर उसकी जगह वेक्सिनेशन का पहला डोज चढ़ाकर कार्ड थमा दिए गए। आज करीब डेढ़ महीने से अधिक समय व्यतीत हो गया लेकिन इन ग्रामीणों को वैक्सीन के नाम पर अगर कुछ मिला तो केवल इंतजार और केवल इंतजार।

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ग्रामीण आज भी इस आस में बैठे हैं उनको वैक्सीन लगाई जाएगी और वे कोरोना जैसी महामारी से बच सकते हैं। अब सबाल यह उठता है आखिर स्वास्थ्य विभाग की ऐसी क्या मजबूरी थी जो ग्रामीणों को बिना वैक्सीन लगाए उनके कार्ड जारी कर दिया। क्या स्वास्थ्य विभाग कागजों पर ही जनपद में ज्यादा वेक्सिनेशन हो जाने की वाहवाही लूटना चाहता है। आखिर शासन की इस जन कल्याणकारी योजना को पलीता लगाने वाले कर्मचारी क्या ऐसे ही प्रशासन की नजरो में धूल झोंकने में सफल रहते है। या लोगों के जीवन से खिलबाड़ करने बाले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करता है। या पूर्व मामलों की भांति मामला लीपापोती कर उन्हें बचा लिया जाता है।

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वहीं जब इस मामले पर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पी पी सिंह से जानकारी की तो उन्होंने बताया यह मामला उनको मीडिया के माध्यम से ही संज्ञान में आया है। उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


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Content Writer

Umakant yadav

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