UP Budget 2021: प्रदेश की जनता पर मेहरबान योगी सरकार, जानिए किस योजना को मिले कितने करोड़

2/22/2021 4:11:47 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए राज्य विधानसभा में 5,50,270.78 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने टैबलेट के जरिए 5,50,270.78 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस बजट का आकार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 37,410 करोड़ रुपए ज्यादा है। प्रदेश के पहले 'पेपरलेस' बजट के तहत सभी सदस्यों को भी टैबलेट पर बजट दस्तावेज उपलब्ध कराया गया।

जानकारी मुताबिक यह प्रदेश की योगी सरकार का 5वां बजट है। इस बजट में 27,598.40 करोड़ रुपए की नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। बजट में 90,729.80 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 4.17 प्रतिशत है। बजट में 5,06,181.84 की कुल प्राप्तियां का अनुमान लगाया गया है। इनमें कुल 4,18,340.44 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां और 87,841.40 करोड़ रुपए की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। बजट में कुल 5,50,270.78 करोड़ रुपए के व्यय का अनुमान है।

 

जानिए, किस योजना को मिले कितने करोड़ रुपए :-

- राम मंदिर से अयोध्या धाम रोड को 300 करोड़।

- अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए 101 करोड़।

- अयोध्या में विकास योजनाओं के लिए 140 करोड़।

- पीएम आवास के लिए 10,029 करोड़ रुपए।

- अमृत मिशन के लिए 2200 करोड़ रुपए।

- गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 7200 करोड़ रुपए।

- भूमि अधिग्रहण के लिए 7200 करोड़ रुपए।

- अयोध्या में पर्यटन के लिए 100 करोड़ रुपए।

- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर निर्माण।

- इस परियोजना के लिए 1326 करोड़ रुपए।

- वाराणसी, गोरखपुर मेट्रो के लिए 100 करोड़।

- राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के लिए 50 करोड़।

- कानपुर मेट्रो के लिए 597 करोड़ रूपए।

- आगरा मेट्रो के लिए 478 करोड़ रुपए।

- निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों को 950 करोड़।

- डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए 32 करोड़।

- अटल चिकित्सा विवि के लिए 100 करोड।

- केजीएमयू में बीएस-4 लैब बनाई जाएगी।

- पेयजल योजना के लिए 15000 करोड़।

- प्रदेश की नहरों के लिए 700 करोड़ रुपए।

- जल निकासी के लिए 175 करोड़।

- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 1107 करोड़।

- गांव में स्टेडियम के लिए 25 करोड़।

- बीमा के लिए 600 करोड़ की व्यवस्था।

- प्रवासी श्रमिक योजना के लिए 100 करोड़।

- श्रमिक विकास योजना के लिए 12 करोड़।

- कोरोना टीकाकरण के लिए 50 करोड़।

- वंदना योजना के लिए 320 करोड़।

- 1000 करोड़ अवैध भू-सम्पतियों से वसूली की गई।

- कन्या सुमंगला योजना के लिए 1200 करोड़।

- पोषण अभियान के लिए 415 करोड़।

- महिला शक्ति केंद्रों के लिए 32 करोड़।

- अधिवक्ता चैंबर के लिए 20 करोड़।

- पंचायत पुरस्कार के लिए 20 करोड़ रुपए।

- स्वच्छ भारत मिशन शहरी के लिए 1400 करोड़।

- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे को 860 करोड़

- PWD की सड़क,पुल के लिए 12,441 करोड़।

- रेलवे उपरिगामी पुल के लिए 1192 करोड़।


Content Writer

Anil Kapoor

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