मॉरीशस के प्रधानमंत्री के ''अठिलापुर'' न आने से गांव में मायूसी, बलिया के रसड़ा इलाके से पुश्तैनी है रिश्ता

punjabkesari.in Friday, Apr 22, 2022 - 05:29 PM (IST)

बलिया: जिले के रसड़ा क्षेत्र के लोग मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ के तीन दिवसीय वाराणसी दौरे से खुश हैं, लेकिन उनके कथित पुश्तैनी अठिलापुर गांव के लोगों में इस बात की मायूसी है कि वह गांव नहीं आए। बुधवार को बनारस की यात्रा पर आए जगन्नाथ की जड़ें उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ी हुई हैं। आधिकारिक रूप से यह दावा है कि जगन्नाथ के पूर्वज बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के थे लेकिन तमाम खोजबीन व कवायद के बावजूद उनके पुश्तैनी गांव का पता लगाने में अभी तक सफलता नहीं मिली है। हालांकि जिले के रसड़ा इलाके के अठिलापुर गांव के एक व्यक्ति ने जिला प्रशासन को शपथपत्र देकर दावा किया है कि जगन्नाथ उसके परिवार के ही हैं। गौरतलब है कि प्रविन्द जगन्नाथ की पुश्तैनी जड़ें तलाशने भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन तीन वर्ष पहले बलिया आए थे। तब उन्होंने संवाददाताओं को बताया था कि उनके देश के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ का बलिया के रसड़ा इलाके से पुश्तैनी रिश्ता है।

गिरमिटिया मजदूर के रूप में कोलकाता से गए थे मॉरीशस
 उन्होंने जानकारी दी थी कि जगन्नाथ के पूर्वज का नाम विदेशी था। विदेशी अपनी पत्नी बतसिया देवी के साथ 26 मार्च 1873 को गिरमिटिया मजदूर के रूप में कोलकाता से जलमार्ग के रास्ते मॉरीशस गए थे। विदेशी की चौथी पीढ़ी के अनिरुद्ध जगन्नाथ मारीशस के राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री रहे और उनके पुत्र प्रविंद्र कुमार जगन्नाथ इस समय वहां के प्रधानमंत्री हैं। उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन ने अपने देश के प्रधानमंत्री की पुश्तैनी जड़ें तलाशने के लिए रसड़ा में कई दिन तक प्रवास किया। उन्होंने जिला प्रशासन तथा रसड़ा क्षेत्र के लोगों से प्रविन्द जगन्नाथ के पुरखों तथा उनके गांव की तलाश में सहयोग का अनुरोध किया, लेकिन वह पुश्तैनी गांव का पता लगा पाने में सफल नहीं हो सके। इस बीच, उपजिलाधिकारी सर्वेश कुमार यादव ने शुक्रवार को बताया कि यह तथ्य सामने आया था कि जगन्नाथ का पुश्तैनी गांव अठिलापुर गांव का टोला गौरापार है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी।

गन्ने की खेती कराने के लिए मॉरीशस जबर्दस्ती गए थे प्रविंद जगन्नाथ
उन्होंने बताया कि मॉरीशस के उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन तीन वर्ष पहले जब आए थे तो उनके पास एक अभिलेख था जिसमें लिखा था कि जगन्नाथ के पूर्वज गाजीपुर जिले के रसड़ा से जुड़े थे। उल्लेखनीय है कि बलिया जिला बनने से पहले गाजीपुर जिले का हिस्सा हुआ करता था। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि अठिलापुर गांव के टोला गौरापार से गिरमिटिया मजदूर के रूप में कुछ लोग मॉरीशस गए थे, लेकिन इसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई। अठिलापुर गांव के जयप्रकाश यादव ने जिला प्रशासन को शपथपत्र देकर दावा किया है कि जगन्नाथ उनके परिवार के ही हैं। उन्होंने शपथपत्र में अपने परिवार का कुर्सीनामा दिया है। कुर्सीनामा में विदेशी यादव के टेकमन का पुत्र होने का दावा किया गया है। जयप्रकाश स्वयं को विदेशी यादव के भाई मुरारी यादव का वंशज बताते हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ उनके ही परिवार के हैं। उन्होंने भाषा को बताया कि अंग्रेज विदेशी यादव को गन्ने की खेती कराने के लिए मॉरीशस जबर्दस्ती लेकर गए थे।

परिवार व क्षेत्र के लिए गर्व की बात है
 जयप्रकाश ने कहा, ‘‘उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन मेरे घर जांच के सिलसिले में आए थे। वह लगभग एक घण्टे तक रहे और मेरे बड़े पिता स्वर्गीय हरिहर यादव की तस्वीर से उन्होंने अनिरुद्ध जगन्नाथ का चेहरा मिलता-जुलता पाया। मेरे पिता जयनाथ यादव का चेहरा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ से मिलता-जुलता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे परिवार, क्षेत्र व जनपद के लिए गर्व की बात है लेकिन परिवार को उनके (मॉरीशस के प्रधानमंत्री) गांव न आने का दुख व मलाल है।'' जयप्रकाश ने कहा कि वह जगन्नाथ से मॉरीशस जाकर मुलाकात करेंगे और उन्होंने इसके लिए पासपोर्ट बनवा लिया है। गांव के बुजुर्ग विजय यादव दावा करते हैं कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ जब पिछले दौरे में बनारस आए थे तो उनकी बनारस में मुलाकात हुई थी। उनका कहना है कि जगन्नाथ उनके परिवार के हैं और उन्हें इस बात का दुख है कि उनके ही परिवार के जगन्नाथ बनारस आकर भी अपने पुश्तैनी गांव नही आ पा रहे। 


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Ramkesh

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