जेल में आई रिपोर्ट तो खुली पोल, S#X रैकेट की आरोपी निकली HIV संक्रमित... बाराबंकी में उड़े अफसरों के होश

punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 07:14 AM (IST)

Barabanki News: बाराबंकी के जिला कारागार से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जेल में बंद एक महिला बंदी की HIV जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला इसलिए और भी ज्यादा गंभीर हो गया है, क्योंकि यह महिला देह व्यापार और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक चर्चित रैकेट का हिस्सा थी। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग अब उन लोगों की गोपनीय तलाश में जुट गया है, जो इस महिला के संपर्क में आए थे।

दरअसल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन की पहल पर जेल प्रशासन की मंजूरी के बाद ICTC फतेहपुर की टीम ने 24 से 27 अगस्त के बीच बाराबंकी जिला कारागार में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया था। इस दौरान बंदियों की टीबी, सिफलिस, हेपेटाइटिस B-C और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। जांच रिपोर्ट आई तो 4 कैदियों में टीबी और इस महिला बंदी में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने बिना देर किए पीड़ित महिला को लखनऊ के KGMU स्थित एआरटी सेंटर से जोड़ दिया है, जहां उसका इलाज शुरू कराया जा चुका है।

मामले की गंभीरता की सबसे बड़ी वजह इस महिला की क्राइम हिस्ट्री है। 21 जून 2026 को नगर कोतवाली पुलिस ने पैसार इलाके के सिद्धार्थनगर मोहल्ले में एक 4 मंजिला मकान पर छापा मारा था। वहां से पुलिस ने सेक्स रैकेट और स्मैक-गांजे के अवैध धंधे का भंडाफोड़ करते हुए 3 महिलाओं समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संक्रमित मिली महिला उन्हीं 4 आरोपियों में से एक है।

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क्योंकि महिला देह व्यापार से जुड़ी रही है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग अब उसके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर रहा है।अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय रखी जा रही है, ताकि संभावित लोगों की पहचान कर समय रहते उनकी जांच और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू किया जा सके। हालांकि, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि संक्रमण महिला को जेल आने से पहले हुआ था या बाद में, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बाराबंकी जेल में एचआईवी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2019 में जब जेल में ऐसा ही जांच शिविर लगा था, तब एक साथ 26 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे। उस वक्त इस खुलासे ने पूरे उत्तर प्रदेश के जेल महकमे को हिलाकर रख दिया था, जिसके बाद से ही प्रदेश की सभी जेलों में कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए थे। अब सालों बाद दोबारा ऐसा मामला आने से जेल सुरक्षा और कैदियों की स्क्रीनिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


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Content Editor

Anil Kapoor

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