Womens day: मिलिए UP की इन महिला शख्सियतों से जिन्होंने देश का किया 56 इंच का सीना

3/9/2021 12:45:36 AM

लखनऊः अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के जीवन का वह दिन जब चहुंओर उनके विषय में ही बात होती है। उत्तर प्रदेश की इन महिलाओं ने देश दुनिया में अपनी चमक बिखेरी है। राजनैतिक जीवन, खेल, फिल्म, विज्ञान सभी क्षेत्र में इन महिलाओं ने अपनी छाप छोड़ी है। इन्होंने देश का 56 इंच का सीना किया है।

सुचेता कृपलानीः देश की पहली महिला सीएम
25 जून 1908 को सुचेता कृपलानी का जन्म पंजाब में बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता सरकारी चिकित्सक थे। कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी थी। उनके राजनीतिक जीवन का सफर आसान न था, क्योंकि पिता की मृत्यू के बाद उनपर घऱ परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। लेकिन भारत के स्वतंत्र होने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हो गई। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रवक्ता के तौर पर भी कार्य़ किया था। इतना ही नहीं कांग्रेस से अलग होने के बाद सुचेता ने अपनी किसान मजदूर प्रजा पार्टी भी बनाई और साल 1962 में उन्होंने विधानसभा का चुनाव लड़ा और वह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बन गई। सुचेता उन महिलाओं में से है जो गांधी जी के काफी करीब रही और कई आंदोलनों में उन्होंने भाग लिया और कई बार जेल की सजा भी काटी। लेकिन 1 दिसंबर 1974 को इनका देहासवान हो गया। उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘एन अनफिनिश्ड ऑटोबायोग्राफी’ लिखी जो तीन भागों में प्रकाशित हुई। 1 दिसम्बर 1974 को उनका निधन हो गया।

मायावतीः UP का मजबूत स्तंभ
मायावती उत्तर प्रदेश राज्य का एक जाना माना चेहरा हैं। मायावती ने अपने मुख्यमंत्री जीवन काल में ऐसे कार्य किये जिस वजह से उन्हें टाइम मैग्जीन ने उन्हें दुनिया सशक्त महिलाओं की सूची में शामिल किय, इस वजह से उनके फॉलोवर उन्हें आयरन लेडी के नाम से बुलाते हैं। मायावती का जन्म एक हिन्दू दलित परिवार में दिल्ली में हुआ था, लेकिन इनके पिता प्रभु दास उत्तरप्रदेश के गौतम बुद्ध नगर बादलपुर में एक पोस्ट ऑफिस में कर्मचारी थे। मायावती ने विवाह नहीं किया। सन 1977 में जाने – माने दलित राजनेता कांशीराम मायावती से मिले, और वे उनके भाषण एवं विचारों से काफी प्रभावित हुए। इसके बाद वह राज्यसभा की सदस्य चुनी गई। 1995 में मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया और उत्तरप्रदेश राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।  इस पदभार को संभालते हुए मायावती पहली ऐसी दलित महिला बन गई, जोकि किसी राज्य की सीएम बनी। सन 1997 में मायावती को दूसरी बार 2002 में तीसरी बार व 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में मायावती ने जीत हासिल कर चौथी बार मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ ग्रहण की। सन 2003 में बसपा के संस्थापक कांशीराम का देहांत हो गया, उन्होंने अपने जीवन में ही  मायावती को अपना  उत्तराधिकारी व बसपा का अध्यक्ष घोषित कर  दिया था।

स्मृति ईरानीः बीजेपी की दमदार नेत्री
स्मृति ज़ुबिन ईरानी का जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली  में हुआ और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में ही शिक्षा ग्रहण की। वे सौंदर्य प्रसाधनों के प्रचार से लेकर मिस इंडिया प्रतियोगिता की प्रतिभागी भी बनीं। उन्होंने धारावाहिकों में भी उम्दा काम किया है। स्मृति ईरानी ने साल 2003 में अपने राजनीति में कदम रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी को चुना। कहा जाता है कि स्मृति के दादा आरएसएस (RSS) के सदस्य थे। वहीं 2004 में स्मृति ईरानी को पार्टी द्वारा महाराष्ट्र युवा विंग के उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया। यहीं से उनका राजनीतिक ने उड़ान भरी और आज एक नए मुकाम पर पहुंच चुका है। ईरानी ने पार्टी की तरफ से दी गई कई सारी अहम जिम्मेदारियां निभाया है। इतना ही नहीं साल 2014 में देश में हुए लोकसभा के चुनाव के लिए बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी के उस समय के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध स्मृति ईरानी को खड़ा किया था, हालांकि इस चुनाव में स्मृति को राहुल गांधी से हार मिली थी। वहीं 2019 में हुए लोक सभा चुनाव ने स्मृति ने राहुल गाँधी को अमेठी में पराजित किया।

मेनका गांधीः देश की सशक्त नेत्री
मेनका गांधी भारत की जानी मानी नेहरु – गांधी परिवार से संबंध रखने वाली एक प्रमुख सदस्य हैं, जो राजनेता के साथ-साथ एक लेखिका भी हैं| मेनका ने कई विषयों पर किताबें लिखी हैं| वह मोदी सरकार की कैबिनेट में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री भी रह चुकी हैं| इनकी शादी संजय गांधी के साथ हुई थी| वर्तमान में वह सुल्तानपुर की सांसद हैं। मेनका को पशुओं से भी विशेष लगा है।

अनुप्रिया पटेल
अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश राज्य की एक भारतीय राजनेता हैं। वह अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अनुप्रिया पूर्व में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री रही हैं। वह 2014 के भारतीय आम चुनाव में मिर्जापुर के निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनी गई। अनुप्रिया इससे पहले 2012 में वाराणसी संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा सीट रोहनिया से विधायक चुनी गई थीं। जहां उन्होंने भारत की शांति पार्टी और बुंदेलखंड कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था।

डिम्पल यादव एक चर्चित भारतीय राजनेत्री हैं। तथा वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विधान मण्डल दल के नेता व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमन्त्री युवा की धर्मपत्नी हैं, जो कि कन्नौज से लगातार दो बार सांसद रह चुकी हैं।


Content Writer

Moulshree Tripathi

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