यूपी के माटी कलाकारों को ट्रेनिंग देगी योगी सरकार, उत्पाद से चीन को लगेगा झटका

punjabkesari.in Tuesday, Jun 09, 2020 - 04:28 PM (IST)

लखनऊः खतरनाक कोरोना वायरस के प्रसार का गढ़ रहे चीन को आर्थिक रुप से घाटा देकर सबक सिखाने व प्रवासी मजकी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जोरों से तैयारी कर रही है। जिसके तहत इतना उत्पादन का लक्ष्य रखा है कि दीपावली पर देश भर में मिट्टी के डिजाइनर दीया तथा बर्तन की सप्लाई उत्तर प्रदेश से होगी। UP में इनके उत्पादों की उपलब्धता होने के बाद चीनी उत्पादों पर निर्भरता कम होगी।

कलाकारों को मुफ्त उपकरण देगी सरकार 
बता दें कि प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने माटी कलाकारों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इनको माटी कला बोर्ड से जोड़कर आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कलाकारों को प्रशिक्षण के साथ नि:शुल्क अत्याधुनिक डाई तथा फर्निशिंग मशीन व आवश्यक मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे कि यह लोग चीन से बेहतर मिट्टी का डिजाइनर दीया, बर्तन व सजावटी उत्पाद तैयार कर सकें। इनको इतना निखारा जाएगा कि इनके हाथ से बने सभी उत्पाद चीन की मूर्तियों और उत्पादों को मात दे सकें। भारत के माटी कलाकार विश्व में उनसे प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसके लिए सरकार माटी कला बोर्ड से जुड़े कुम्हारों को मुफ्त उपकरण देगी।

चीनी बाजार पर निर्भरता होगी कम
CM ने एमएसएमई उद्यमियों का हौसला बढ़ाते हुए आने वाले दिनों में चीनी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस बार दीपावली के अवसर पर चीन से गौरी-गणेश की मूर्तियां नहीं आएंगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हम गोरखपुर के टेराकोटा को डिजाइन देंगे और उसके अनुसार उत्पाद तैयार करेंगे। उन्होंने कहा अयोध्या में आयोजित पहले दीपोत्सव में 51,000 दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। यह मिट्टी के दीपक, हमें पूरे उत्तर प्रदेश में ढूंढ़ने पड़े थे तब हमें 51,000 दीपक मिल पाए थे। इस बार हम अपनी क्षमता बढ़ाएंगे ताकि चीन से दीये न खरीदने पड़ें।योगी आदित्यनाथ सरकार इस बार की दीपावली इनके उत्पादों के प्रयोग से बेहद यादगार मनाने की तैयारी में है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सुविधा गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ के माटी कलाकारों के लिये शुरू की जाएगी। इसके तहत मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों को मूर्तियों और दीपक बनाने के लिए सरकार की तरफ से उपकरण फ्री दिए जाएंगे।

 

 


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Author

Moulshree Tripathi

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