हरिद्वारः इस बार कांवड़ यात्रा में नहीं होगी धूम, मेले पर प्रतिबंध को सख्ती से किया जाएगा लागू

7/2/2020 12:35:43 PM

हरिद्वारः धर्मनगरी हरिद्वार में इस बार बोल बम के जयकारे के साथ ही कांवड़ की धूम देखने को नहीं मिलेगी। कोरोना को देखते हुए इस बार उत्तराखंड सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया है।

बैठक में 5 जिलों के डीएम और एसएसपी रहे मौजूद
सरकार के फैसले का सही से अनुपालन करवाने के लिए हरिद्वार में महत्वपूर्ण बैठक की गई, जिसमें हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर, हरिद्वार एसएसपी सहित यूपी और हरियाणा के जिलाधिकारी और एसएसपी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, यमुनानगर सहित 5 जिलों के डीएम, एसएसपी मौजूद रहे।

अन्य राज्यों के कांवड़िए हरिद्वार में नहीं कर सकेंगे प्रवेश
बैठक में सभी अधिकारियों ने कांवड़ में हरिद्वार आने वाले कांवड़ियों को रोकने के लिए बनाई गई योजना पर अपने-अपने सुझाव दिए। साथ ही यात्रा शुरू होने के बाद आपस में समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। इस दौरान निर्णय लिए गया कि किसी भी रूप में अन्य राज्यों से कांवड़ियों को हरिद्वार में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यदि कोई कांवड़िया ट्रेन या अन्य किसी माध्यम से हरिद्वार आएगा तो उसे 14 के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। इतना ही नहीं क्वारंटाइन के दौरान उस पर होने वाले खर्च को भी उसे से वसूला जाएगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
रिद्वार में कांवड़ियों पर प्रतिबंध के साथ ही कांवड़ से संबंधित केन, कपड़े आदि कोई भी सामना बेचने पर भी पाबंदी रहेगी। यदि कोई भी दुकानदार इस तरह के सामान बेचते पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने की बात जिलाधिकारी ने कही है। डीएम ने कहा कि हरिद्वार के आसपास के गांव कस्बों से आने वाले लोगों को भी जल लेने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर अपील की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा को किया गया स्थगित
वहीं निकटवर्ती राज्यों से आए अधिकारियो ने भी सरकार के आदेश का पूर्णतया पालन और हरिद्वार जिला प्रशासन के साथ समन्वय और सहयोग की बात कही है। बता दें कि पूरे विश्व में फैली कोरोना महामारी ने उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा को भी अपनी चपेट में ले लिया है। शासन और प्रशासन ने भी लोगों को जान बचाने के लिए ही इस बार होने वाली कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया है।


Nitika

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