HC ने महाकुंभ में सुविधाओं पर सरकार से मांगा जवाब, मेलाधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश

2/23/2021 12:22:43 PM

 

नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार में होेने वाले महाकुंभ के मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही मेलाधिकारी दीपक रावत और शहरी विकास सचिव शैलेष बगौली को आगामी 5 मार्च को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ में सोमवार को कोरोना महामारी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई में राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी और मेलाधिकारी दीपक रावत के अलावा हरिद्वार के जिलाधिकारी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कुंभ मेले को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है और इस दौरान कोविड-19 को लेकर जारी दिशा-निर्देशों और गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे पहले कोविड जांच प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए सभी राज्य को सूचित कर दिया गया है। सरकार की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त मात्रा में अस्पताल, वेटिंलेटर और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। श्रद्धालुओं के रहने के लिए रैन बसेरों व टेटों की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में विभिन्न राज्य सरकारों व केन्द्र सरकार से सहायता मांगी गई है। यही नहीं सरकार राज्य में 690 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रही है और कुंभ से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यही नहीं सरकार की ओर से बताया गया कि कुंभ में प्रतिभाग करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालय और चेजिंग रूम (कपड़े बदलने के लिए कमरे) बनाए गए हैं। ये हरकी पैड़ी, सुभाष घाट व मालवीय घाट पर तैयार किए गए हैं। कुंभ में प्रतिभाग करने वाले सभी कर्मचारियों व फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना वैक्सीन लगा दी गई है।

मेलाधिकारी दीपक रावत की ओर से कहा गया कि मोती चूर का फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। कुंभ से पहले अन्य काम पूरे कर लिए जाएंगे। याचिकाकर्ता सचिदानंद डबराल की ओर से कहा गया कि घाटों पर अभी भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से बनाए जा रहे दूधाधारी चौक और सिंह द्वार फ्लाई ओवर पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं। इसके बाद अदालत ने एनएचएआई से इस मामले में वस्तुस्थिति से अवगत करवाने को कहा है। यही नहीं अदालत ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार की ओर से जारी एसओपी के संदर्भ में भी विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। कोर्ट ने कुंभ में भाग लेने वाले कर्मचारियों और फ्रंट लाइन वर्करों के वैक्सीनीकरण के संदर्भ में विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है।

कोरोना महामारी को लेकर उच्च न्यायालय में सचिदानंद डबराल, अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, डीके जोशी और रामस्वरूप की ओर से अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश जनहित याचिकाओं में राज्य में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर अन्य तमाम मुद्दे माध्यम से उठाए गए हैं।


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Nitika

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