Monkeypox को लेकर अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, रावत ने सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने के दिए निर्देश

punjabkesari.in Thursday, Aug 04, 2022 - 04:58 PM (IST)

 

देहरादून(कुलदीप रावत): देश में मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरों के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों को मंकीपॉक्स को लेकर पहले ही सतर्कता बरतने एवं गाइडलाइन जारी करने को कहा है।

विभागीय मंत्री के एक्शन पर स्वास्थ्य विभाग ने मंकीपॉक्स से बचाव हेतु तत्काल हेल्थ एडवाइजरी जारी कर सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को एक्टिव रहने को कहा है। जनपद स्तर पर मंकीपॉक्स के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी करने व सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को दिए गए हैं।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि देश में बढ़ते मंकीपॉक्स के खतरों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अंतर्गत मंकीपॉक्स से बचाव एवं सतर्कता बरतने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एसओपी जारी कर दी है। विभागीय मंत्री ने बताया कि जनपद स्तर पर मंकीपॉक्स के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को सर्विलांस सिस्टम मजबूत करने को कहा गया है।

डॉ. रावत ने बताया कि राज्य की प्रत्येक चिकित्सा इकाइयों एवं मेडिकल कॉलेजों में मंकीपॉक्स हेतु पृथक से आइसोलेशन की व्यवस्था एवं नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। इसके साथ ही चिकित्सालयों में रोगियों की जांच एवं उपचार हेतु पर्याप्त दवाएं उपलब्ध करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य में मंकीपॉक्स के एक मामले को भी प्रकोप माना जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने विभाग को अलर्ट मोड़ में रहने को कहा है। इसके साथ ही सभी जनपदों में जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों को मंकीपॉक्स को लेकर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। उन्होंने बताया गया कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत सभी जिला निगरानी इकाइयों के माध्यम से संक्रमण के मामलों, समूहों की तेजी से पहचान करने एवं संक्रमण के प्रसार को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मामले मिलने पर इसकी सूचना तत्काल उच्चस्तरीय अधिकारियों को दी जाएगी। जांच नमूनों को नामित प्रयोगशालाओं को भेजने एवं संदिग्धों को अलग वार्ड और आइसोलेशन में रखे जाने सहित अन्य जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Nitika

Related News

Recommended News

static