उत्तराखंड विस में गूंजा गैरसैंण में इस साल सत्र आयोजित न करने का मुद्दा

12/5/2019 1:06:41 PM

देहरादूनः उत्तराखंड में शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस के द्वारा इस साल एक भी सत्र गैरसैंण में एक भी सत्र आयोजित ना करवाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। इस दौरान विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोला और इसे पृथक राज्य आंदोलन के लिए संघर्ष करने वालों की आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात बताया।

जानकारी के अनुसार, सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस सदस्य करण माहरा ने कहा कि गैरसैंण में सत्र का आयोजन न करने के लिए 'ठंड' का बहाना बनाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। रानीखेत से विधायक माहरा ने कहा कि गैरसैंण जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। साल खत्म हो रहा है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वहां ठंड जैसे कारणों के चलते शीतकालीन सत्र नहीं हो रहा है। 

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में कही ये बात 
वहीं नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने राज्य सरकार को सदन में यह घोषणा करने को कहा कि इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित किया जाएगा। चर्चा का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कोई भी गैरसैंण में राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित किए जाने के विरोध में नहीं है। उन्होंने वहां सत्र आयोजित करने का आश्वासन देते हुए कहा कि पिछले साल जब वहां सत्र किया गया था तो गैरसैंण में आधारभूत सुविधाओं की कमी विपक्षी सदस्यों ने भी महसूस की थी। उन्होंने कहा कि वहां जरूरत के हिसाब से आधारभूत सुविधाएं बनाने के लिए काम किया जा रहा है, यह हमारी प्राथमिकता है। 

हरीश रावत ने गैरसैंण में दिया धरना 
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसी मुद्दे पर गैरसैंण में धरना भी दिया। उन्होंने वहां लोगों को संबोधित करते हुए इसे पहाड़ में रहने वाली जनता का 'अपमान' बताया। इसके साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की वर्तमान सरकार ने गैरसैंण के विकास के लिए उनके कार्यकाल में शुरू किए गए कामों को बंद कर दिया है।


Nitika

Related News