पुलिस के हत्थे चढ़ा 15 लाख ठगने वाला फर्जी SDM, नौकरी दिलवाने के नाम पर जा चुका है जेल

1/12/2021 12:07:26 PM

 

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में एक व्यक्ति द्वारा फर्जी एसडीएम बन अपने साथियों के साथ शिकायतकर्ता को जमीन दिलाने के नाम पर उससे 15 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वयं को एसडीएम बताने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास के अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, बैंकों के चेक बुक और आईडी आदि भी बरामद किए है। इतना ही नहीं अभियुक्त पहले भी फर्जी नौकरी दिलवाने के नाम पर हरिद्वार में जेल भी जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्र स्थित कोटड़ा संतौर निवासी सौरभ बहुगुणा पुत्र अरविंद कुमार द्वारा थाना प्रेमनगर में अश्विनी कुमार श्रीवास्तव द्वारा अपने अन्य साथियों पंकज शर्मा, कमल धामी, पिंकी तथा एक कथित राजस्व उपनिरीक्षक के साथ मिलकर व स्वयं को एसडीएम बताकर उसे कोटड़ा में जमीन दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपए ठगने की शिकायत दर्ज करवाई। थाना प्रेमनगर में इस फर्जीवाड़े की सूचना पर पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में थाना पुलिस द्वारा इस घटना में अभियुक्तों के खिलाफ जानकारी एकत्रित कर विवेचना करते हुए अभियुक्त अश्विनी कुमार श्रीवास्तव को क्षेत्र के सुद्धोवाला से गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के पास से 5 अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन तथा अलग-अलग बैंकों की पासबुक, चेक बुक, फोटो आईडी व 2 लाख रुपए बरामद किए है।

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वहीं पुलिस द्वारा अभियुक्त से पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके द्वारा अपने ड्राइवर पंकज शर्मा के साथ अक्सर तहसील के बाहर चक्कर लगाया जाता था। इस दौरान उसके ड्राइवर की मुलाकात सौरभ बहुगुणा से हुई। सौरभ द्वारा पंकज को उसकी कोटडा संतौर स्थित जमीन एक जमीन में चल रही समस्या के चलते तहसील आने की बात बताई। पंकज शर्मा द्वारा यह बात जब अश्विनी को बताई गई तो अश्विनी व पंकज द्वारा सौरभ को ठगने के इरादे से अश्विनी को एसडीएम बताकर वह जमीन उसे दिलाने की बात कही। अभियुक्तों द्वारा सौरभ के जीजा को भो इस बाबत अपने विश्वास में ले लिया। अभियुक्तों द्वारा एक व्यक्ति को पटवारी बताते हुए उनकी जमीन की नपाई भी करवाई गई। इसके पश्चात वादी पूर्ण तरीके से अभियुक्तों की बातों में आ गया।

अभियुक्त के अनुसार, उसने सौरभ को जमीन दिलाने में कुल 20 लाख रुपए खर्च होने की बात बताई जिस पर सौरभ द्वारा एक बार में इतनी रकम देने में असमर्थता जताने पर उन दोनों के द्वारा सौरभ से 4 बारी में 5-5 लाख रुपए देने को कहा। इसके बाद उनके द्वारा सौरभ व उसके जीजा से उन्होंने अलग-अलग समय मे 15 लाख रुपए ठगे। अभियुक्त अश्वनी कुमार शर्मा द्वारा बताया गया कि उक्त 15 लाख रुपए में से उसके द्वारा 5 लख की रकम रखने के बाद शेष 10 लाख पंकज शर्मा को दिए थे। पुलिस द्वारा अभियुक्तों द्वारा पटवारी बना जमीन नपाई के लिए लाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त अश्वनी कुमार द्वारा वादी को अक्सर अलग-अलग मोबाइल से कॉल करने के बाद अधिकांश समय पर अपने फोन स्विच ऑफ रखा जाता था तथा घटना करने के बाद कुछ समय के लिए वहां से फरार होकर दूसरी जगह चला जाता है। अभियुक्त के पास से बरामद अन्य आईडी के संबंध में उसने बताया कि वह इन लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर भी इन लोगों से ठगी का प्रयास कर रहा था। अभियुक्त पूर्व में भी फर्जी नौकरी दिलवाने के नाम पर कोतवाली नगर जनपद हरिद्वार से जेल जा चुका है।


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