उत्तराखंड में कोरोना से लड़ने को समुचित व्यवस्थाएं: प्रभारी सचिव स्वास्थ्य

4/20/2021 3:15:43 PM

 

देहरादूनः उत्तराखंड में कोरोना नियंत्रण की व्यवस्थाओं और संक्रमण की स्थितियों पर देहरादून स्थित सचिवालय के मीडिया सेंटर में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ पंकज पांडे ने कहा कि राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। साथ ही किसी भी तरह से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य ने यह जरूरी बताया कि संक्रमण रोकने के लिए कोविड गाइडलाइन का अनुपालन अक्षरश: किया जाए। उन्होंने बताया कि गत 24 घंटों में 2,160 मरीज राज्य में कोविड के संक्रमित पाए गए हैं। अब राज्य में कुल सक्रिय (एक्टिव) मरीजों की संख्या 18,864 हो गई है। उन्होंने बताया कि 13500 के लगभग मरीज होम आइसोलेशन में हैं ओर करीब 5000 मरीज विभिन्न अस्पतालोें में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

प्रभारी सचिव ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 7000 से अधिक आइसोलेशन बेड खाली हैं। इसके अलावा 2500 से अधिक आक्सीजन सपोर्टर बेड, 363 आईसीयू बेड तथा 463 वैंटिलेटर राज्य में खाली हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के 7 जनपदों में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसमें देहरादून में सबसे अधिक 44, नैनीताल में 26, पौड़ी में तीन, उत्तरकाशी में तीन तथा उधमसिंह नगर में एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। वैक्सीनेशन के सम्बंध में उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक एक लाख 88 हजार 900 हैल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया जा चुका है, जिसमें 1.79 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं। साथ ही प्रदेश में कुल 15 लाख 95 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन की राज्य में कोई कमी नहीं है। अभी तीन लाख के करीब वैक्सीन हमारे पास उपलब्ध है।

डॉक्टर पांडेय ने बताया कि ऑक्सीजन की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। राज्य में जो 3 ऑक्सीजन मैनिफैक्चरिंग प्लांट हैं उनमें पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। मात्र 6 माह की समयावधि मे यहां आठआक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की भी कोई कमी नहीं है। रेमडेसिविर इंजेक्शन पर उन्होंने बताया कि पूरे देश में इसकी कमी जरूर है। लेकिन राज्य में जल्द ही इंजेक्शन की आपूर्ति हो जाएगी। इस चिंता वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि उपचार के इंतजाम समुचित हैं लेकिन संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना बहुत जरूरी है।


Content Writer

Nitika

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