उत्तराखंड में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस, राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण

1/26/2020 6:08:52 PM

देहरादूनः उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में रविवार को 71 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह परेड ग्राउंड में हुआ, जहां राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्य, प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अनिल रतूडी भी मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवस के मौके पर मार्च पास्ट के अलावा विभिन्न विभागों की रंग बिरंगी झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर राज्य सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार और पुलिस पदक का वितरण भी किया गया। परेड ग्राउंड में पहुंचे स्वतंत्रता सेनानियों से मुख्यमंत्री रावत ने भेंट की और उन्हें सम्मान स्वरूप शॉल भी ओढाई। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में भी झंडा फहराया और देश और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने संविधान निर्माताओं को याद करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव सिंह ने ध्वजारोहण किया।

इस बीच, अपने एक संदेश में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। बेबी रानी मौर्य ने कहा कि इस वर्ष हम अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त रूप से प्रदान करने की आवश्यकता है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा आवश्यक नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने महिलाओं को प्रदेश के विकास की धुरी बताया और कहा कि उन्हें शिक्षा एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा कर प्रदेश के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय है और बेटियों को माँ के गर्भ से ही सुरक्षित माहौल देना हम सबकी जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और ‘होम स्टे' योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने किसानों से जैविक कृषि की दिशा में आगे बढने और उत्तराखंड को एक पूर्ण जैविक (कृषि) राज्य बनाने में अपना योगदान देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूली व उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक-एक गांव गोद लेकर इसे पूर्ण रूप से मॉडल स्मार्ट ग्राम बनाने का निर्देश भी दिया गया है।


prachi

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