स्वामी नरसिंहानंद की गिरफ्तारी पर भड़के समर्थक, कोतवाली में किया हंगामा

punjabkesari.in Sunday, Jan 16, 2022 - 05:21 PM (IST)

 

हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई धर्म संसद में दिए गए विवादित बयानों के मामले में पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी की। पुलिस ने जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और डासना पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद उनके समर्थक भड़क उठे हैं।

पुलिस के अनुसार, स्वामी नरसिंहानंद को सर्वानंद घाट से गिरफ्तार किया है, जहां वे जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की गिरफ्तारी के विरोध स्वरूप अन्न जल त्याग कर अनशन कर रहे थे। उन्होंने अपने अनशन को सत्याग्रह में तब्दील करने की घोषणा की थी। पुलिस स्वामी नरसिंहानंद को लेकर हरिद्वार कोतवाली पहुंची जहां उनके पीछे बड़ी संख्या में उनके समर्थक और धर्म संसद की कोर कमेटी के सदस्यगण कोतवाली पहुंच गए। कोतवाली में समर्थकों द्वारा नरसिहांनद की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान कोतवाली पहुंची बिना नंबर प्लेट की एंबुलेंस से स्वामी नरसिंहानंद को हॉस्पिटल ले जाने का प्रयास पुलिस द्वारा किया जाने लगा, जिस पर समर्थकों ने एंबुलेंस को घेरकर नारेबाजी और हंगामा करना शुरू कर दिया, समर्थक बिना नंबर प्लेट की एंबुलेंस को लेकर प्रश्न खड़ा कर रहे थे।

समर्थकों के हंगामे को देखते हुए पुलिस ने लाठियां भांजकर समर्थकों को तितर-बितर किया और वहां से एंबुलेंस को चलता कर दिया और बाद में स्वामी नरसिंहानंद को पुलिस जीप में बैठाकर हरमिलाप मिशन चिकित्सालय ले जाया गया जहां मेडिकल के बाद उनको हॉस्पिटल में ही भर्ती कर दिया गया। नरसिंहानंद पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे, जिसके कारण उनको स्वास्थ्य संबंधी भी परेशानियां होनी शुरू हो गई थी, स्वामी नरसिंहानंद की गिरफ्तारी के बाद धर्म संसद के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने सत्याग्रह जारी रहने की घोषणा की है और गिरफ्तारी की निंदा की है और विरोध किया है और अखाड़ा परिषद अखाड़े के संतों से हिंदुओं के साथ सामने आने का आह्वन किया है।

गौरतलब है कि हेट स्पीच मामले में पुलिस ने गुरुवार को जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को उस समय गिरफ्तार कर लिया था वे जब नारसन बॉर्डर से हरिद्वार में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे और उन को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया था। उनकी जमानत याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई जहां उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। हेट स्पीच मामले में जितेंद्र त्यागी जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के अलावा स्वामी धर्मदास, साध्वी अन्नपूर्णा, सिंधु सागर महाराज और यति नरसिंहानन्द के खिलाफ हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि नरसिहानन्द को उनके खिलाफ तीसरे मुकदमे, जिसमें महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी किए जाने का आरोप है, के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। सीओ सिटी शेखर सुयाल का कहना है कि स्वामी यति नरसिंहानंद, जिनके खिलाफ कोतवाली में मामला दायर था, को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि जो यति नरसिंहानंद पर दो-तीन मुकदमे चल रहे थे और उनका ऑफेंस रिपीट हो रहा था तो उस आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई है।

धर्म संसद के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि यति नरसिंहानंद जी हमारे नायक हैं लेकिन यह अच्छा है कि उन्होंने बहुत सारे लोगों को ट्रेंड कर दिया है और हम लोग यह सत्याग्रह जारी रखेंगे। जिस प्रकार से सरकार ने हिंदू विरोधी और संत विरोधी अपना चेहरा दिखाया है और यह चुनाव का बहाना जिसमें तमाम बड़ी शक्तियां लग गई हैं। जब हमने मोर्चा खोला मुख्यमंत्री के खिलाफ तो हमारा नायक गिरफ्तार हो गया, लेकिन यहां सब नायक है, जिनमें से कोई पीछे हटने वाला नहीं है। चूंकि कोविड-19 गाइडलाइन आ गई थी तो हमने उस प्रतिकार सभा को सीमित किया था और कहा था कि अपने-अपने स्थल पर ही यज्ञ आदि करके प्रतिकार करने का कार्य कीजिए क्योंकि आप संतों के ऊपर मुकदमे दर्ज होने लगे हैं तो आम हिंदू का क्या हश्र होगा आप कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा,‘‘मैं चाहूंगा कि अखाड़ा परिषद को खुले मैदान में आना चाहिए अखाड़ा परिषद तो हर मुद्दे पर साइलेंट रहता है जो आता है चाहता है रौंद करके करके चला जाता है। यह कम से कम 50 संतों का समूह है जो पहली बार जिंदा हुआ है खड़ा हुआ है हिंदू धर्म के लिए और यह सत्याग्रह चलता रहेगा।''
 


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Content Writer

Nitika

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