BSNL कर्मियों को नियमित कराने के लिए हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता ने रखा उपवास

11/30/2020 5:47:57 PM

देहरादूनः उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र कुमार ने सोमवार को केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण द्वारा भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के 242 कर्मचारियों को नियमित करने के समर्थन में उपवास रखा। उनके समर्थन में विभिन्न ट्रेड यूनियन से जुड़े नेता भी उपवास पर बैठे।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि बीएसएनएल प्रबन्धन को अपने 242 कर्मचारियों को उपरोक्त आदेश का पालन करते हुए नियमित कर देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता सुरेन्द्र कुमार को भी कर्मचारियों के संघर्ष करने के लिए बधाई देते हुए वहां उपस्थित ट्रेड़ यूनियन से जुड़े नेताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्किंग क्लास के विभिन्न समस्याओं के लिए हमेशा साझा संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में सरकारों के लिए संविधान और ससंद के द्वारा बनाए गए कानून के तहत काम करने वाली संस्थाओं का भी सम्मान न करना संविधान और संसद का अपमान है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र ने बताया कि उन्होंने 26 सिंतबर 2019 को केन्द्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण के आदेश की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केन्द्रीय संचार मंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी भेजकर बीएसएनएल के 242 कर्मचारियों को नियमित कराने के संबंध में पत्र भेजकर मांग की है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्ष की सेवा कर चुके कर्मचारियों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखंड सर्किल इस संबंध में न्यायाधिकरण के आदेश का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।

सुरेन्द्र ने अपने पत्र में कहा कि न्यायाधिकरण ने सुनवाई कर बीएसएनएल कैजूवल वर्कर एण्ड कान्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन और बीएसएनएल प्रबन्धन के पक्षों को सुना। साथ ही रिकॉर्ड कर सर्वोच्च न्यायालय, विभिन्न उच्च न्यायालय के द्वारा पारित आदेश में बीएसएनएल प्रबन्धन के विरुद्ध आईटी एक्ट के आधार पर अनुचित श्रम अभ्यास मानते हुए 242 कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश दिए है। वर्तमान में किसी भी न्याय के हित में है कि उपरोक्त कर्मचारियों को आईटी एक्ट के धारा 17 के आधार पर नियमित कर दिया जाए। सुरेंद्र ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बीएसएनएल कर्मचारियों सहित अन्य केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।


Ramanjot

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