वेदांती के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे प्रशासन: बाबरी मस्जिद पक्षकार

Friday, April 21, 2017 9:08 PM
वेदांती के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे प्रशासन: बाबरी मस्जिद पक्षकार

फैजाबाद-अयोध्या(अभिषेक सावन्त): श्री राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य और भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. राम विलास वेदांती द्वारा दिए गए विवादित बयान पर मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने प्रशासन से उनके खिलाफ मुकद्दमा दर्जकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बता दें कि बेदंती ने दावा किया था कि बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचे को किसी भाजपा नेता के कहने पर नहीं बल्कि उनके कहना पर गिराया गया था। 

महंत नृत्य गोपाल दास ने वेदांती के बयान का स्वागत
श्री राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने वेदांती का उस बयान का स्वागत किया है। 

वेदांती को हाजी ने बताया शोबाज 
यही नहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने डॉ राम विलास वेदांती की इस प्रेसवार्ता को शो बाजी करार देते हुए कहा कि छोटे-छोटे बयानों से चर्चा में आने के लिए वेदांती ऐसे बयान देते रहते हैं। वहीं उन्होंने सवाल उठाते कहा कि अगर विवादित ढांचा मंदिर होता तो क्या उस मंदिर को तोड़वाया जाता। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए वेदांती पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करना चाहिए, क्योंकि धार्मिक उन्माद फैला रहे वेदांती अयोध्या में सौहार्द नहीं चाहते। 

क्या कहा था वेदंती ने? 
वेदांती ने दावा किया कि अयोध्या में बाबरी ढांचा उनके कहने पर तोड़ा गया। वेदांती की मानें तो उन्होंने ही कार सेवकों को ढांचा तोडऩे के आदेश दिये थे। उनके मुताबिक वीएचपी के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के अलावा महंत अवैधनाथ भी इस साजिश में शामिल थे। वेदांती का कहना था कि भले ही उन्हें फांसी हो जाए लेकिन वो अपने बयान से नहीं पलटेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से चर्चा में है मामला
सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला फिर से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। हालांकि, इनमें से तीन का निधन हो चुका है तो अब 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। अदालत ने दो साल के अंदर सुनवाई पूरी करने समेत कई बड़े फैसले किए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मामले को दोनों पक्ष बातचीत के जरिये सुलझाएं।

क्या था मामला?
बाबरी मस्जिद विध्वंस का मामला दरअसल 6 दिसंबर 1992 का है। जब हजारों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर बाबरी मस्जिद को ढहा दिया। इसके बाद बाद देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए। सीबीआई ने कोर्ट से बीजेपी के वरिष्ठे नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती सहित 13 नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलने की मांग की थी। सीबीआई की ओर से पेश वकील नीरज किशन कौल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि रायबरेली की कोर्ट में चल रहे मामले को भी लखनऊ की स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर ज्वाइंट ट्रायल चलाया जाए। 



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