LPG लूट का खुलासा: e-KYC के नाम पर वसूली और 342 सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग, प्रशासन ने GAS एजेंसी को किया सील
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 08:43 AM (IST)
Sitapur News: एक तरफ जहां ईरान और इजराइल (Iran-Israel conflict) के बीच बढ़ते तनाव के कारण भविष्य में एलपीजी (LPG) सप्लाई को लेकर चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के सीतापुर से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां की एक गैस एजेंसी आपदा में अवसर तलाशते हुए आम जनता की जेब काटने और गैस की कालाबाजारी (Black Marketing) में जुटी थी।
प्रशासन का बड़ा छापा: गोदाम मिला खाली
मामला सिधौली तहसील के कसमंडा ब्लॉक का है, जहां आरके इंडियन गैस वितरक एजेंसी (RK Indian Gas Distribution Agency) पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की। एसडीएम (SDM) और जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने एजेंसी के काले कारनामों की पोल खोल दी। जांच टीम को रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि 11 मार्च को एजेंसी के पास 342 सिलेंडरों की खेप आई थी, जिसे बिना किसी वैध बुकिंग और डीएसी (Delivery Authentication Code) के ही बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया गया। जब टीम गोदाम पहुंची, तो वहां केवल 4 भरे हुए सिलेंडर मिले, जबकि खाली सिलेंडरों का अंबार लगा था।
ई-केवाईसी (e-KYC) के नाम पर खुली लूट
छापेमारी के दौरान वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने एजेंसी कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि केंद्र सरकार की ओर से मुफ्त में की जाने वाली ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया के लिए उनसे ₹180 तक वसूले जा रहे थे। जो ग्राहक पैसे देने से मना करता, उसे सिलेंडर देने में टालमटोल की जाती थी।
नियमों की धज्जियां और क्षमता से अधिक कनेक्शन
जांच में एक और बड़ा तकनीकी उल्लंघन (Technical Violation) सामने आया। एजेंसी के पास कुल 14,000 गैस कनेक्शन हैं।
एजेंसी के गोदाम में केवल 8,000 सिलेंडर रखने की अनुमति है। क्षमता से लगभग दोगुने कनेक्शन देकर एजेंसी न केवल नियमों का उल्लंघन कर रही थी, बल्कि सुरक्षा मानकों को भी ताक पर रख रही थी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
लगातार मिल रही शिकायतों और छापेमारी में धांधली की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आरके इंडियन गैस एजेंसी को सील (Sealed) कर दिया है। क्षेत्र में गैस की किल्लत न हो, इसके लिए खाली सिलेंडरों को दूसरी एजेंसियों को ट्रांसफर कर दिया गया है ताकि सप्लाई चेन (Supply Chain) बाधित न हो।

