''2027 हर हाल में जीतना है'', अखिलेश यादव का कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र, BJP पर बोला तीखा हमला
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 05:05 PM (IST)
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी को हर हाल में जीतना होगा। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जो परिसीमन विधेयक लाना चाहती है, उसके बाद आम चुनाव नहीं होंगे।
यादव ने कारगिल विजय दिवस और संविधान मानस्तंभ स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के राज्य मुख्यालय में समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ''वोट का अधिकार ही हमें बचा सकता है। समाजवादियों को वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव हर हाल में जीतना है। भाजपा जो परिसीमन विधेयक लाना चाहती है, उसके बाद फिर कोई आम चुनाव नहीं होने वाला है।'' पूर्व मुख्यमंत्री ने हालांकि अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और युवा आंदोलन पर टिप्पणी
यादव ने प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे का उल्लेख करते हुए इसे युवाओं की ''जीत'' बताया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जब भी मुद्दों पर घिरती है तो चरित्र हनन का सहारा लेती है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि हालिया युवा आंदोलन में समाजवादी पार्टी ने अहम भूमिका निभाई।
यादव ने कहा, ''यह पहला आंदोलन था, जिसमें नई पीढ़ी के लोग यह अनुभव करने गए कि लाठी कैसे लगती है और आंसू गैस का क्या असर होता है। किसी ने किसी को बुलाया नहीं था। सभी स्वत: जंतर-मंतर तक पहुंचे। भाजपा सरकार के खिलाफ नौजवानों ने लोकसभा का घेराव किया। न झुकने की बात करने वाले झुक गए।'' उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा के सत्ता से बाहर जाने की शुरुआत है, क्योंकि युवाओं में जागरूकता आई है और नई पीढ़ी ने भय व भ्रम से बाहर निकलने का काम किया है।
पेपर लीक और भाजपा पर आरोप
यादव ने कहा, ''हम अपनी रणनीति के तहत युवा आंदोलन में शामिल थे। इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी उत्तर प्रदेश के युवाओं की रही। 'जेन-जेड' आंदोलन में जो नारे लिखे गए, उनकी लोग कल्पना भी नहीं कर सकते थे।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''सरकार ने तमाम सवालों को उलझा दिया है। भाजपा के शासन में सबसे अधिक प्रश्न पत्र लीक हुए हैं। भाजपाई जानबूझकर ऐसा कराते हैं और अपने लोगों को समायोजित कर लेते हैं।''

