CM Yogi का अखिलेश यादव को खुला चैलेंज, कहा- अयोध्या पर बोले... हिम्मत है तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बात करें

punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 05:37 PM (IST)

हाथरस : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश खुद को धार्मिक साबित करने का प्रयास कर रहे हैं तो उन्हें मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी खुलकर बोलना चाहिए।

अयोध्या पर अखिलेश के बयान के बाद योगी का पलटवार
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी जांच के बीच अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और उनकी पार्टी सत्ता में आने पर अयोध्या को एक ''बेमिसाल'' धार्मिक एवं पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेगी।

हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए योगी ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा, ''अखिलेश जी, अयोध्या को तो रामभक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।''

'भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए'
उन्होंने कहा, ''भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार वहां सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन आपमें (अखिलेश में) यह कहने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास का कोई एजेंडा नहीं रखा।''

उन्होंने कहा, ''बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।'' उन्होंने कहा, ''अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।''

'आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?'
मुख्यमंत्री ने कहा, ''अखिलेश यादव कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। रामभक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलवाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।''

उन्होंने आरोप लगाया, ''आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक पर रोक लगा दी थी। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। आज हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ है। क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।''

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ''दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई।''

कांग्रेस और सपा पर दोहरे रवैये का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, ''ये दोहरी चाल चलने वाले लोग हैं। यही लोग जनता-जनार्दन को धोखा देते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और सपा संविधान की दुहाई देते थे।''

उन्होंने कहा, ''25 जून 1975 को आपातकाल लगाया गया था। भारत के संविधान और बाबा साहब आंबेडकर के संविधान का गला घोंटने का काम अगर किसी ने किया, तो वह कांग्रेस थी। अब कांग्रेस के उस पाप में समाजवादी पार्टी भी जबरन शामिल होकर उसकी भागीदार बन रही है।''

'संविधान हत्या दिवस' का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने 25 जून को मनाए गए 'संविधान हत्या दिवस' का उल्लेख करते हुए कहा, ''आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं को जेल में डाल दिया था। जयप्रकाश नारायण, राजनारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं को जेल भेजा गया। कांग्रेस ने एक लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।''

'मुलायम सिंह की विरासत का अपमान कर रही सपा'
उन्होंने कहा, ''जिस मुलायम सिंह यादव को कांग्रेस सरकार ने अपमानित किया था, वही समाजवादी पार्टी आज कांग्रेस की अनुयायी बनकर उसके सामने घुटने टेक रही है और मुलायम सिंह की विरासत का भी अपमान कर रही है।''

'डबल इंजन सरकार का लक्ष्य 25 करोड़ लोगों का विकास'
योगी ने आरोप लगाया, ''बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपनों को चकनाचूर करने का काम कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने किया।'' उन्होंने कहा, ''सपा सरकार में विकास का मतलब केवल सैफई का विकास था, जबकि डबल इंजन वाली भाजपा सरकार के लिए उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों का विकास प्राथमिकता है। हमने तुष्टीकरण की नीति को खारिज किया है और समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचाना ही डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है।''


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Content Editor

Purnima Singh

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