बजट के दौरान सुरेश खन्ना की शायरी ने लूटी वाहावाही, बोले- हार हो जाती है जब...

2/22/2021 3:41:40 PM

लखनऊ: योगी सरकार ने यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। यूपी विधानसभा में बजट पेश के दौरान शेर और शायरी का दौर भी चला। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट के शुरुआत में कहा कि भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्ग दर्शन में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों, पुलिस बल, सरकारी कर्म चारियों और जनसामान्य ने कोविड-19 की विभीषिका के समक्ष जिस एकजुटता और जुझारूपन का परिचय दिया उसका वर्णन शब्दों में किया जाना सम्भव नहीं है। इस दौरान मंत्री ने मंजूर हाशमी की गजल के शेर बोलते हुए कहा...

यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है। 
हवा की ओट भी लेकर चिराग जलता है।।

वहीं आगे उन्होंने कोरोना पर बोलते हुए कहा कि  कोरोना महामारी की रोकथाम एवं आम जनता को सुविधायें उपलब्ध कराए जाने के उददशेय से राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की 11 सदस्यीय टीम-11 का गठन किया गया। जिसके द्वारा की गयी कार्यवाही की समीक्षा प्रतिदिन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं की जाती है। यह बैठकें अभी भी आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं, इस सम्मानित सदन की ओर से अपने देश और प्रदेश के कर्मठ कोरोना योद्धाओं को नमन करता हूं।
वित्त मंत्री ने कोरोना योद्धाओं की तारीफ में कहा...

हार हो जाती है, जब मान लिया जाता हैं।
जीत तब हाती है, जब ठान लिया जाता है।।


वित्त मंत्री ने युवा शक्ति पर कहा कि हमारा यह मानना है कि युवा शक्ति एवं ऊर्जा समाज के विकास का सशक्त वाहक है। हमने समाज के युवा वर्ग के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश के युवाओं के कौशल का सम्वद्र्ध न हमारी प्राथमिकता है ताकि वे रोजगार के अवसरों का भरपूर उपयोग कर सकें। इस हेतु विद्यालयों में कनेक्टिविटी की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। डिजिटल विलेज के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी जिससे वे शिक्षा एवं रोजगार के वैश्विक परिषदीय से परिचित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहना चाहूंगा...

जो होता है वो होने दो,
यह पौरूषहीन कथन है।
हम जो चाहेंगे वह होगा,
इन शब्दों में ही जीवन हैं।।


श्रमिक कल्याण पर बोलते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि श्रमशक्ति किसी भी क्षेत्र में हमारे लक्ष्य प्राप्ति का सबसे बड़ा साधन है। अतः श्रमिकों का कल्याण एवं संरक्षण अत्यावश्यक है। हमारा यह मानना है कि...

एक पत्थर की भी तकदीर संवर सकती है।
शर्त यह है कि सलीके से संवारा जाये।।


उन्होंने आगे कहा कि मैं, अपर मुख्य सचिव, वित्त एवं वित्त आयुक्त और वित्त विभाग के अधिकारियों एवं कर्म चारियों तथा सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्म चारियों के प्रति अपना आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने इस बजट को तैयार करने में बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया है। वहीं भाषण के अंत में उन्होंने योगी आदित्यनाथ की तारीफ में कहा... 

'प्यार का रास्ता ढूंढेगी ये पवित्र सभा, 
खूब बरसेगी इस जमीं पर रहमत की घटा।
मोहतरिम सदर हों जिस बज्म के खुद "योगी" 
चारों तरफ फैलेगी विकास की सुहानी छटा।।


 


Content Writer

Tamanna Bhardwaj

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