''श्रीकृष्ण थे 5 वक्त के नमाजी...'' मौलाना जरजिश के इस मनगढ़ंत दावे पर भड़के संत, लखनऊ में FIR दर्ज
punjabkesari.in Friday, Jul 17, 2026 - 07:56 AM (IST)
Lucknow News: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का कानूनी विवाद पहले से ही गर्माया हुआ है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जरजिश अंसारी के एक बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। भगवान श्रीकृष्ण को 'मुस्लिम' और 'पांच वक्त का नमाजी' बताने वाले मौलाना के खिलाफ लखनऊ में FIR दर्ज कर ली गई है। सोशल मीडिया पर मौलाना का तकरीर वाला वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
'श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और पढ़ते थे नमाज'
मिली जानकारी के मुताबिक, दरअसल यह पूरा मामला झारखंड में बीते 23 जून को आयोजित एक मजहबी जलसे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में मौलाना जरजिश मंच से श्रीमद्भगवद गीता के एक श्लोक का जिक्र करते दिख रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने इस श्लोक की जानबूझकर मनगढ़ंत और भ्रामक व्याख्या की। मौलाना ने तकरीर के दौरान दावा कर दिया कि भगवान श्रीकृष्ण असल में मुस्लिम थे और वे धरती पर इस्लाम का प्रचार करते थे। वे नियमित रूप से पांचों वक्त की नमाज पढ़ते थे।
'1400 साल पुराना इस्लाम, 5000 साल पहले आए कान्हा'
इस बयान के सामने आते ही ब्रजमंडल के साधु-संतों और हिंदू विचारकों का गुस्सा फूट पड़ा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह हिंदू आस्था पर जानबूझकर किया गया आघात है। इस्लाम का इतिहास महज 1400 साल पुराना है, जबकि हमारे कान्हा आज से 5000 साल पहले इस धरती पर अवतरित हुए थे। मौलाना को गीता का कोई ज्ञान नहीं है, उन्हें तुरंत हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, श्रीकृष्ण जन्म संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मौलाना के खुद के पूर्वज भी सनातनी ही थे, लेकिन लाइमलाइट में आने के लिए वह ऐसी घटिया हरकतें कर रहे हैं। साध्वी इंदुलेखा और अनमोल दास जी महाराज ने भी आरोपी मौलाना पर सख्त एक्शन की मांग की है।
भाजपा ने बताया गहरी साजिश, पुलिस जांच शुरू
इस विवाद में अब राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। भाजपा नेता मनीष शुक्ला ने इस बयान को एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों के मौन समर्थन के कारण ही ऐसे लोगों का दुस्साहस बढ़ता है, जो करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान श्रीकृष्ण पर अभद्र टिप्पणी करते हैं। फिलहाल, लखनऊ पुलिस वीडियो के तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

