यौन शोषण के आरोप में दर्ज होगी FIR, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नहीं मिली राहत
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 06:01 PM (IST)
प्रयागराज: बच्चों से यौन शोषण के आरोप में घिरे शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वरानंद के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में शनिवार को सुनवाई हुई। स्पेशल जज ने अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य आरोपियों पर एफ़आइआर दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
जानिए पूरा मामला
आप को बता दें कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती काफी विवादों में रहे। उसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर उनकी सेवा में लगे आश्रम के बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाया। यह आरोप श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर उन्होंने प्रयागराज जिला कोर्ट में 28 जनवरी को 173(4) के तहत एक कंप्लेंट रजिस्टर करने के लिए अर्जी दाखिल की गई थी कोर्ट ने 13 फरवरी को सुनवाई पर आशुतोष महाराज पेश हुए थे। दोनों नाबालिग लड़कों का कैमरे के सामने कोर्ट में बयान दर्ज हुआ था।
एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने दिए आदेश
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर अब तक दो तारीखों पर एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। आज यानी 21 फरवरी को यौन शोषण मामले में अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित धाराओं में तत्काल कार्रवाई की जाए। एफआईआर प्रयागराज के झूसी थाना में दर्ज की जाएगी।
नाबालिग ने लगाया थे आरोप
गौरतलब है श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में भी वादी है। आशुतोष महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाया है कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था, जिसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया था, हालांकि जो बच्चा बालिग हो गया है उसके साथ कुकर्म की घटना उस समय हुई थी, जबकि वह नाबालिग था। फिलहाल कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कोई भी बयान नहीं आया है। हांलांकि कोर्ट के आदेश बाद अब सियासत तेज हो गई है।

