Indian Railways: लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए Good News, अब स्लीपर कोच में मिलेगा चादर, तकिया और कंबल!
punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 06:49 PM (IST)
Indian Railways: अक्सर हम लोग लंबी दूरी की यात्रा ट्रेन से करते हैं क्योंकि ट्रेन की यात्रा आरामदायक और सुखद एवं किफायती होती है। ऐसे में यात्री अपनी बजट के अनुसार एसी, एवं नान एसी टिकट लेकर यात्रा करता है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। खबर है कि अब लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले स्लीपर कोच यात्रियों को बेडरोल सुविधा की सुविधा मिलेगी। अब तक ये सुविधा केवल एसी कोच तक सीमित था। जबलपुर रेल मंडल इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों को चादर, तकिया और कंबल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रेलवे संचालित करेगा सुविधा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा पहले चरण में जबलपुर से चलने वाली लंबी दूरी की सुपरफास्ट और ओवरनाइट ट्रेनों के स्लीपर कोच में शुरू की जाएगी। यात्रियों की मांग पर उन्हें बेडरोल उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी और इसके लिए रेल टिकट के अलावा अलग से शुल्क देना होगा। व्यवस्था आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से संचालित की जाएगी।
चादर या तकिया जैसी अलग-अलग सुविधाएं ले सकेंगा यात्री
जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि स्लीपर कोच में बेडरोल की मांग लगातार बढ़ रही थी। इसे देखते हुए प्रस्ताव प्रक्रिया में है। स्वीकृति मिलने पर यात्रियों को साफ-सुथरी चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्रियों को यह भी विकल्प मिलेगा कि वे पूरी किट के बजाय केवल चादर या तकिया जैसी अलग-अलग सुविधाएं भी ले सकें।
मॉडल को अपनाने की तैयारी में जबलपुर मंडल
यह व्यवस्था दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल में पहले से लागू मॉडल पर आधारित होगी। जबलपुर मंडल भी इसी मॉडल को अपनाने की तैयारी में है। शुरुआती दौर में यह सुविधा कुछ चुनिंदा ट्रेनों में शुरू की जा सकती है, जिनमें जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस और जबलपुर-भोपाल एक्सप्रेस शामिल हैं।
40 से 80 रुपये तक यात्रियों को देना होगा सुविधा शुल्क
सूत्रों के अनुसार, बेडरोल का संभावित शुल्क 40 से 80 रुपये के बीच हो सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले तीन से चार महीनों में स्लीपर कोच यात्रियों को इस नई सुविधा का लाभ मिल सकता है।

