थैंक्यू योगी अंकल! नए साल के पहले दिन 24 घंटे में माफियाओं के कब्जे से मुक्त हुआ मेजर की बेटी का घर, छलक पड़े खुशी के आंसू
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 09:55 AM (IST)
Lucknow News: लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में नए साल का पहला दिन 31 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना के लिए बेहद खास बन गया। अंजना को उनका घर वापस मिल गया, जिस पर कुछ लोगों ने फर्जी कागजात बनाकर कब्जा कर लिया था।
अंजना का दुखभरा जीवन
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे। उनका निधन 1994 में हो गया। परिवार में दो बेटियां और एक बेटा थे, लेकिन समय के साथ उनके भाई और एक बहन का भी निधन हो गया। इस गहरे दुख से अंजना गंभीर मानसिक बीमारी (सीजोफ्रेनिया) से ग्रस्त हो गईं। वह 2016 से रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाज करा रही हैं।
जाली दस्तावेज से किया गया कब्जा
चंदौली जिले के बलवंत यादव उर्फ बबलू और मनोज यादव ने अंजना की कमजोरी का फायदा उठाकर फर्जी वसीयत और जाली दस्तावेजों के जरिए अंजना के घर पर कब्जा कर लिया। जब अंजना को इस बात का पता चला, तो उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई।
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मिली राहत
अंततः 31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी पूरी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने तुरंत पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने तेजी से काम किया। अगले दिन यानी 1 जनवरी 2026 तक बलवंत यादव और मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया, अवैध कब्जा हटाया गया और अंजना को उनका घर वापस सौंप दिया गया।
घर लौटते ही भावुक हुईं अंजना
- पुलिस की मौजूदगी में जब अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो भावुक हो गईं।
- उन्होंने हर कमरे को देखा, दीवारों को छुआ और पुरानी यादों में खो गईं।
- बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीपक जलाया और फूल चढ़ाए।
- पड़ोस की महिलाओं से गले मिलकर रो पड़ीं।
- खुशी में बार-बार कहा: 'थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू!'
पुलिस में कार्रवाई
इस पूरे मामले में एक चौकी इंचार्ज को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘भूमाफिया पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते अंजना को तेजी से न्याय मिला।

