फरसा वाले बाबा की मौत या खूनी साजिश? 23 जवान जख्मी और 20 दंगाई सलाखों के पीछे, क्या था वो खौफनाक सच?

punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 06:42 AM (IST)

Mathura News: उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के कोसीकलां क्षेत्र में प्रसिद्ध संत चंद्रशेखर दास, जिन्हें लोग प्यार से फरसा वाले बाबा कहते थे, की एक सड़क दुर्घटना में  मौत के बाद शनिवार को भारी बवाल हो गया। बाबा की मौत से नाराज उनके समर्थकों ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर जमकर हंगामा और पथराव किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

घटना का मुख्य कारण
मिली जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार सुबह 57 वर्षीय चंद्रशेखर दास की कोसीकलां के पास एक ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पुलिस इसे कम दृश्यता (कोहरे या धुंध) के कारण हुआ हादसा बता रही है, जबकि बाबा के अनुयायियों का आरोप है कि यह पशु तस्करों द्वारा रची गई एक गहरी साजिश थी। इसी आक्रोश में हजारों समर्थक सड़क पर उतर आए और कई किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया।

हिंसा और पुलिस की कार्रवाई
हाईवे खाली कराने के दौरान भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में 23 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।उपद्रवियों ने पुलिस चौकी और सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाया। पुलिस ने मौके से अवैध डंडे, पत्थर और कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में दक्ष चौधरी (गाजियाबाद निवासी) और उसके साथियों सहित 22 नामजद और 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। दक्ष चौधरी पर पहले भी लूट और तोड़फोड़ के कई मामले दर्ज हैं।

प्रशासनिक कदम और घोषणाएं
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए (क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पास ही गोवर्धन दौरे पर थीं), प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने घोषणा की है कि आजनोंख गांव की गौशाला में बाबा की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा और वहां स्थाई पुलिस चौकी खोली जाएगी। गौशाला की 400 गायों के चारे और देखभाल का जिम्मा अब प्रशासन उठाएगा। समर्थकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, बिना पोस्टमार्टम के ही बाबा का अंतिम संस्कार प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न कराया गया। एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


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Content Editor

Anil Kapoor

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