लखनऊ अग्निकांड: इंसानों के साथ बेजुबानों पर भी टूटा कहर, जिंदा जले कुत्ते-बिल्लियां और खरगोश, रुला देंगी तस्वीरें

punjabkesari.in Tuesday, Jun 23, 2026 - 11:17 AM (IST)

लखनऊ : अलीगंज स्थित व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने न सिर्फ कई लोगों की जान ले ली, बल्कि इमारत में मौजूद दर्जनों बेजुबान जानवर भी इसकी चपेट में आ गए। इमारत में संचालित पेट शॉप और पेट क्लिनिक में बंद कई कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश आग लगने के दौरान बाहर नहीं निकाले जा सके, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कुछ जानवर गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में जीवित मिले, जिन्हें उपचार के लिए एनजीओ के हवाले किया गया है।

PunjabKesari

आग पर काबू पाने के बाद जब दमकल विभाग की एक टीम पेट क्लिनिक के अंदर पहुंची तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। कई जानवर अपने पिंजरों में ही मृत मिले, जबकि कुछ गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। दमकलकर्मियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर आधा दर्जन बिल्लियों और एक कुत्ते को बाहर निकाला।

एनजीओ संचालिका चारू खरे ने बताया कि जिन जानवरों को बाहर निकाला गया है, उनकी हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि कई जानवरों के शरीर बुरी तरह झुलस गए हैं और उनका बच पाना मुश्किल नजर आ रहा है।

PunjabKesari

रेस्क्यू के दौरान उमड़ी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने हादसे को बेहद दर्दनाक बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि घटनास्थल पर भारी भीड़ जुटने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी बाधाएं उत्पन्न हुईं।

यातायात व्यवस्था प्रभावित
अग्निकांड के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के मार्गों पर यातायात डायवर्ट कर दिया। इसके चलते पुरनिया चौराहा, केंद्रीय भवन और आसपास के क्षेत्रों में देर शाम तक लंबा जाम लगा रहा और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

PunjabKesari

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया दर्द
हादसे वाली इमारत के बगल में रहने वाली रश्मि सिंह ने बताया कि आग लगने के बाद अचानक शोर-शराबा शुरू हो गया। जब वह बाहर निकलीं तो देखा कि लोग जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दृश्य इतना भयावह था कि वह इसे कभी नहीं भूल पाएंगी। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जिससे पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। पीने के पानी के लिए उन्हें अन्य इलाकों में रहने वाले परिचितों की मदद लेनी पड़ी। वहीं, इमारत के पास दुकान चलाने वाले अनस ने दावा किया कि दमकल विभाग की गाड़ियां देर से पहुंचीं। उनके अनुसार, यदि राहत दल समय पर पहुंच जाता तो संभव है कि कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

PunjabKesari

अवैध कब्जे के भी आरोप
पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर आरोप लगाया कि इमारत के मालिक ने फुटपाथ तक पर कब्जा कर रखा था। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने कई बार उन्हें नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए कहा, लेकिन इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Purnima Singh

Related News

static