''क्या अब हवाई अड्डे पर नाव चलेगी?'', Noida Airport पर बारिश के बाद जलभराव... अखिलेश का BJP पर तंज
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 11:54 AM (IST)
Lucknow/Noida: गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में बीते मंगलवार को बारिश के दौरान जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि 30 मिनट के भीतर परिसर से पानी निकाल दिया गया और इससे विमानों के संचालन में कोई रुकावट नहीं आई। सोशल मीडिया पर मंगलवार को प्रसारित वीडियो में हवाई अड्डे के टर्मिनल से निकलकर पार्किंग और टैक्सी स्टैंड तक जाने वाले भूमिगत मार्ग में जलभराव दिखाई दे रहा है। वीडियो में हवाई अड्डे के कर्मचारी पानी निकालने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, खराब मौसम के कारण मंगलवार को धर्मशाला जाने वाली एक उड़ान भी रद्द कर दी गई।
अब क्या एअरपोर्ट पर नाव चलेगी?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 12, 2026
जहाँ भाजपा सरकार, वहाँ महा-भ्रष्टाचार! pic.twitter.com/pahOv7dmd5
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अब क्या हवाई अड्डे पर पर नाव चलेगी? जहां भाजपा सरकार, वहां महा-भ्रष्टाचार!'' हालांकि, इस संबंध में हवाई अड्डे के जनसंपर्क विभाग ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी भर गया था, लेकिन हमारी टीम ने 30 मिनट के भीतर स्थिति सामान्य कर दी। इससे उड़ानों के संचालन या हवाई अड्डे के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
प्रदेश सरकार ने भी मंगलवार रात एक बयान जारी कर कहा कि भारी बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पर कुछ समय के लिए जलभराव हो गया था। बयान में कहा गया कि हवाई अड्डे की टीम तुरंत हरकत में आईं और 30 मिनट के भीतर पानी की निकासी सुनिश्चित की, जिसके बाद उस रास्ते पर आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई। जिले के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकसित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में से एक है जिसके लिए करीब 1,334 हेक्टेयर (लगभग 3,300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस हवाई अड्डे का उद्घाटन इस साल 28 मार्च को हुआ था और वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन 15 जून से शुरू हुआ। इसे उत्तर प्रदेश सरकार के साथ निजी सार्वजनिक भागीदारी के तहत विकसित किया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए जाने का दावा किया गया है।

