''जब तक तोड़ेंगे नहीं, छोड़ेंगे नहीं...'' जेल से छूटते ही राजू पाल मर्डर केस के दोषी ने बनाई रील, अब SC जाएंगी पूजा पाल
punjabkesari.in Wednesday, Jun 17, 2026 - 07:06 AM (IST)
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक राजू पाल हत्याकांड के दोषी आबिद प्रधान को उच्च न्यायालय से जमानत मिलने पर राजू पाल की पत्नी और समाजवादी पार्टी (SP) से निष्कासित पूर्व विधायक पूजा पाल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को जमानत अनुचित तरीके से और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर मिली है। वह उनकी जमानत रद्द कराने के लिए उच्चतम न्यायालय जाएंगी।
दोषी आबिद प्रधान का वीडियो वायरल, भड़कीं पूजा पाल
पूजा पाल ने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी आबिद ने धमकी भरा वीडियो शेयर किया है। इससे साफ लगता है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं है और वे शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, हम ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। दरअसल साल 2005 में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में दोषी ठहराए गए आबिद प्रधान को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत मिल गई है। यह आदेश 16 दिन पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी ने दिया था। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या हो चुकी है। जेल से बाहर आने के बाद आबिद प्रधान की एक रील सामने आई। इसके बैकग्राउंड में फिल्मी डायलॉग,'जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं' चल रहा है।
आरोपी के घर पर पुलिस को लटका मिला ताला
धूमनगंज प्रभारी अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि हमें आबिद प्रधान के वीडियो की कोई जानकारी नहीं है। जमानत पर छूटने की जानकारी मिलने के बाद एक हफ्ता पहले इसके घर गए थे, वहां ताला लगा था। इसकी लोकेशन पता की जा रही है। पूजा पाल ने कहा- राजू पाल सिर्फ मेरे पति ही नहीं थे, बल्कि प्रयागराज के एक लोकप्रिय युवा नेता थे। उनकी हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। मेरे पति राजू पाल की दिनदहाड़े हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में अतीक अहमद, अशरफ समेत कई लोग शामिल थे। हत्या के बाद हमें उनका शव तक नहीं सौंपा गया।
जमानत आदेश में कानूनी सलाहकारों को मिलीं गंभीर गड़बड़ी
पूजा पाल ने आबिद प्रधान और जावेद को मिली जमानत पर कहा- आरोपियों ने जमानत हासिल करते समय अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि और कई महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी अदालत से छिपाई। उन्होंने भ्रामक तथ्यों के आधार पर जमानत प्राप्त की। जब हमने अपने कानूनी सलाहकारों के साथ जमानत आदेश का अध्ययन किया, तो उसमें कई गंभीर गड़बड़ी सामने आईं।

