गरीबों के लिए वरदान साबित हो रहा ''हर घर तिरंगा'' अभियान
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 02:56 PM (IST)
Prayagraj News (सैय्यद आकिब रजा): स्वतंत्रता दिवस का उत्साह जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे तिरंगे की मांग भी तेज होती जा रही है। देशभक्ति से जुड़े इस अभियान ने जहां आम लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया है, वहीं गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह रोजगार का बड़ा जरिया बनकर सामने आया है।

सड़क किनारे और छोटे-छोटे ठिकानों पर रहने वाले कई परिवार इन दिनों बांस की लकड़ियों से तिरंगे के डंडे तैयार कर रहे हैं। सुबह से देर रात तक परिवार के सदस्य झंडे बनाने और उन्हें तैयार करने में जुटे हैं। स्वतंत्रता दिवस को लेकर हर दिन हजारों झंडों के ऑर्डर मिलने से इन परिवारों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दे रही है।

तिरंगे की बिक्री में हो रहा इजाफा इस काम से जुड़े लोगों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। उनका कहना है कि साल भर मेहनत के बावजूद रोजी-रोटी का इंतजाम मुश्किल रहता है, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के आसपास तिरंगे की मांग बढ़ने से कुछ दिनों के लिए अच्छी कमाई हो जाती है। यही वजह है कि गरीब परिवार इस मौके को रोजगार और उम्मीद के अवसर के रूप में देख रहे हैं।

तिरंगा खरीदने वालों में सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि आम लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लगाने के लिए लोग झंडे खरीद रहे हैं। इससे छोटे विक्रेताओं और झंडा बनाने वाले परिवारों को लगातार काम मिल रहा है। गरीब परिवारों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस उनके लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है। एक तरफ देश के प्रति सम्मान और गर्व का भाव है, तो दूसरी तरफ इसी बहाने परिवार की रोजी-रोटी भी चल रही है।

हर घर तिरंगा अभियान ने इस बार देशभक्ति के रंग के साथ रोजगार का रंग भी गहरा कर दिया है। सड़क किनारे बैठकर बांस की लकड़ी से तिरंगा तैयार करने वाले हाथ भले ही आर्थिक रूप से कमजोर हों, लेकिन उनके बनाए तिरंगे में देश के प्रति सम्मान और आत्मनिर्भरता की मजबूत तस्वीर दिखाई दे रही है।
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