चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की बढ़ीं मुश्किलें: मकान बचाने को मांगी 1 महीने की मोहलत, मिला सिर्फ एक हफ्ता!
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 08:36 AM (IST)
Ayodhya News: अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को सहादतगंज इलाके में बनाए जा रहे एक मकान से जुड़े कागजात जमा करने के लिए को बुधवार एक सप्ताह का समय दिया। हालांकि सुप्रिया ने इसके लिए एडीए से एक महीने का समय मांगा था।
आखिरी नोटिस के बाद बेटी-पिता संग ADA दफ्तर पहुंचीं आरोपी की पत्नी
एडीए के सूत्रों ने बताया कि सुप्रिया मिश्रा अपनी बेटी और पिता के साथ प्राधिकरण के कार्यालय गईं और बनवीरपुर में स्थित संपत्ति के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग करते हुए एक औपचारिक आवेदन सौंपा। एडीए ने एक दिन पहले सुप्रिया को अंतिम नोटिस जारी करते हुए कहा था कि अगर 15 जुलाई तक ज़रूरी कागजात जमा नहीं किये गए तो निर्माणाधीन मकान को सील किया जा सकता है।
1 महीने की मोहलत खारिज, 7 दिन में नक्शा और कागज दिखाने का आदेश
सूत्रों के अनुसार, हालांकि सुप्रिया ने कागजात जमा करने के लिए एक महीने का वक्त मांगा था लेकिन प्राधिकरण ने अगले सात दिन में सभी वैध रिकॉर्ड और फ़ाइल पेश करने का निर्देश दिया। यह भूखंड सुप्रिया मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है। इससे पहले तीन जुलाई को निर्माण के संबंध में एडीए ने एक नोटिस जारी किया था और कोई जवाब न मिलने पर दूसरा नोटिस चिपकाया गया। इस नोटिस में कहा गया कि यह मकान का स्वीकृत नक्शा और अन्य संबंधित कागजात जमा करने का आखिरी मौका है।
चंदा चोरी कांड में गिरफ्तार है पति, 1973 के एक्ट के तहत शुरू हुआ एक्शन
एडीए के विशेष कार्याधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया था कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत शुरू की गई थी। यह घटनाक्रम राम मंदिर में दिए गए चढ़ावे में कथित हेराफेरी से जुड़े मामले की जांच के बीच आया है। अधिकारियों के अनुसार, लवकुश मिश्रा मंदिर के चंदा-गिनती की प्रक्रिया से जुड़े उन आठ लोगों में शामिल था, जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ़्तार किया गया था।

