आवासीय शिक्षा को नई दिशा, बोर्डिंग स्कूल मॉडल अपनाएगी योगी सरकार
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 07:47 PM (IST)
लखनऊ: समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब इन विद्यालयों में देश के शीर्ष बोर्डिंग स्कूलों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाया जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग और बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BSAI) के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा।
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार को देहरादून स्थित प्रतिष्ठित द दून स्कूल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीएसएआई से जुड़े देश के प्रमुख बोर्डिंग स्कूलों के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बोर्डिंग स्कूलों में अपनाई जा रही प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन, छात्र कल्याण, हॉस्टल प्रबंधन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े सफल मॉडलों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह पहल “साझेदारी से गुणवत्ता और सहयोग से सुधार” के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों के अनुभव सर्वोदय विद्यालयों तक पहुंचने से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को मिलने वाली आवासीय सुविधाएं भी अधिक सुदृढ़ होंगी।
राज्यमंत्री ने बताया कि सर्वोदय विद्यालयों में बोर्डिंग सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से प्राचार्यों और शिक्षकों की एक टीम बीएसएआई से जुड़े प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण करेगी। यह टीम वहां की शिक्षण पद्धतियों, छात्र देखभाल प्रणाली, हॉस्टल प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करेगी। इस अध्ययन के आधार पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी, जिसे प्रदेश के सभी 125 सर्वोदय विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग प्रदेशभर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य वर्गों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 125 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का संचालन कर रहा है। सरकार द्वारा विद्यालय भवनों के जीर्णोद्धार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और योग्य शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की तैनाती के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

