मथुरा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: फ्रॉड साइबर गैंग के 4 शातिर गिरफ्तार, दोस्त बनकर यूं करते थे ठगी

punjabkesari.in Monday, Nov 28, 2022 - 12:29 AM (IST)

मथुरा: साइबर टटलू के अंतरराज्यीय गैंग का मथुरा पुलिस ने राजफास किया है। पुलिस ने गैंग के 4 सदस्यों को दबोचा है। पुलिस ने यह भी उजागर किया है कि ये गैंग किस तरह से काम कर रहा था। साइबर फ्रॉड की घटना करने के अलावा एक संगठित साइबर फ्रॉड करने की ट्रेनिंग देने का भी कार्य करते हैं और हरियाणा, राजस्थान के अतिरिक्त यूपी में भी उनकी सक्रियता है।
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बता दें कि जनपद मथुरा के ग्राम हाथिया, दौसरस, विशम्भरा, बाबूगढ़ जैसे गांवों के नवयुवकों को साइबर अपराध करके अवैध तरीके से धन अर्जित करने के लिए उकसाते हैं और साइबर अपराध करने के लिए प्रचार, प्रसार करते हैं और नये लड़कों को ट्रेनिंग देते हैं कि किस तरह ग्राहक को फसाना है व किन किन साइटों, एप्प के माध्यम से सेक्सटॉर्शन व अन्य साइबर अपराध किया जा सकता है। उड़ीसा व अन्य राज्यों के फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराते हैं। सीधे साधे व्यक्तियों का पैसा डालने के लिए अपने फर्जी अकाउंट नये लड़को को देते हैं कि ग्राहकों से पैसा इस अकाउंट में डलवाओ इससे पुलिस हम लोगों को नहीं पकड़ पाएंगी और फिर नये अपराधियों से निकालने के नाम पर 20 से 25 प्रतिशत का कमीशन लेते हैं।
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अल्ताफ पुत्र कमरुद्दीन निवासी ग्राम औमरी थाना पिनहुआ जिला नूंह हरियाणा, अशफाक उर्फ अज्जी पुत्र ईशाक निवासी गांव पचलेडी थाना सिकरी जिला भरतपुर राजस्थान, अजरू पुत्र ताहिर निवासी गांव मामली थाना पिनहुआ जिला नूंह हरियाणा तथा सद्दाम पुत्र शहीद निवासी गांव बेग पहाड़ी थाना कैथवाडा जिला भरतपुर राजस्थान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देश के विभिन्न राज्यों में इनके विरूद्ध ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया रिलेटेड फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, बुलिंग, स्टालकिंग, सेक्सटिंग, ओएलएक्स फ्रॉड, अकाउंट लिंक फ्रॉड की 63 कम्पलैन्ट रजिस्टर्ड है। इनके पास से पांच मोबाइल, 41 सिम कार्ड, नौ फर्जी आधार कार्ड, पांच फर्जी पेन कार्ड, एक कार क्रेटा एचआर 27 एल 167 सफेद रंग की बरामद हुई है। धारा 420, 467, 468, 471, 384, 507 आईपीसी व 67 व 66 डी आईटी एक्ट में थाना शेरगढ़ पर मामला दर्ज किया गया है।

गैंग ऐसे करता है काम
जब व्यक्ति पैसे देने में आनाकानी करता है तो उनका एक साथी जिसके नम्बर पर ट्रूकॉलर पर साइबर ऑफिसर, पुलिस ऑफिसर बनकर काल आने पर दिखाते हैं उस व्यक्ति को काल कराते हैं जिसकी वीडियो बनी है कि तुम्हारी अश्लील वीडियो सोशल साइट्स पर अपलोड हो चुका है। तुम्हारे खिलाफ कार्यवाही होगी, इससे वह व्यक्ति डरकर अपराधियों के फर्जी एकाउन्ट्स में फिर पैसे डालता है। पैसे लेकर अपना नम्बर बन्द कर लेते हैं। जिनके सभी नम्बर व पहचान पत्र, आधार कार्ड फर्जी होते है। जिसके कारण अपराधी पुलिस की पकड़ में नहीं आते हैं।


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Content Writer

Mamta Yadav

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