''विजय भव: 2027'': सपा दफ्तर के बाहर लगा नया पोस्टर, हनुमान जी के सामने हाथ जोड़े दिखे Akhilesh Yadav

punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 12:41 PM (IST)

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। लखनऊ में सत्ता और विपक्ष की गलियों में राजनीतिक गतिविधियां बेहद तेज हैं। इसी बीच, लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर लगा एक नया पोस्टर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है। इस विवादित और ध्यान खींचने वाले पोस्टर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भगवान हनुमान के सामने हाथ जोड़कर भक्ति भाव में बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में विजय भव: 2027 का संदेश लिखा हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक, पोस्टर की तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा छिड़ गई है। पोस्टर में संकटमोचन भगवान हनुमान को आशीर्वाद की मुद्रा में दिखाया गया है और उनके ठीक सामने अखिलेश यादव श्रद्धा भाव से बैठे नजर आ रहे हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि 2027 चुनाव से पहले सपा इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के जरिए सॉफ्ट हिंदुत्व और सर्वजन को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।

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उत्तर प्रदेश में 2027 के सियासी दंगल को फतह करने के लिए सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां झोंक दी हैं। सपा दफ्तर के बाहर इन दिनों लगातार एक से बढ़कर एक सियासी संदेश देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए QR कोड वाला एक अनोखा पोस्टर लगाया गया था, जिसके जरिए युवाओं से 2027 के चुनाव के लिए उनकी अपेक्षाएं और सुझाव मांगे गए थे। इतना ही नहीं, सपा का हाई-टेक PDA यात्रा रथ भी पार्टी कार्यालय पहुंच चुका है। सामाजिक न्याय और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन के संदेशों से सजे इस रथ को आगामी चुनाव में जोरों-शोरों से प्रचार मैदान में उतारने की तैयारी है।

यह पहला मौका नहीं है जब अखिलेश यादव को किसी धार्मिक अवतार या भगवान के साथ पोस्टर में दर्शाया गया हो। इससे पहले अखिलेश यादव के जन्मदिन पर वाराणसी में समाजवादी युवजन सभा की ओर से जारी पोस्टर में उन्हें हाथ में संविधान की प्रति लिए भगवान श्रीकृष्ण के रूप में दिखाया गया था। तब युवजन सभा के नेताओं ने तर्क दिया था कि जिस तरह श्रीकृष्ण ने अधर्म के खिलाफ धर्म और न्याय का मार्ग दिखाया था, ठीक उसी तरह अखिलेश यादव भी देश के संविधान की रक्षा और आम जनता के न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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राजनीतिक पंडितों की मानें तो अयोध्या मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर मुखर रहने से लेकर हनुमान जी और श्रीकृष्ण के पोस्टरों तक, सपा अपनी छवि को केवल एक खास वर्ग तक सीमित न रखकर व्यापक हिंदू वोटर बैंक के बीच भी सकारात्मक संदेश देने की रणनीति अपना रही है। 2027 की जंग में विजय भव: का यह नारा पार्टी के कार्यकर्ताओं में कितना जोश भरता है, यह तो वक्त ही बताएगा।


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Content Editor

Anil Kapoor

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