बिकरू कांड: 37 अराजपत्रित पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, सिपाही, दरोगा व इंस्पेक्टर शामिल

11/20/2020 7:36:07 PM

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में काली रात कही जाने वाली 3 जुलाई को घटित बहुचर्चित बिकरू कांड के 37 अराजपत्रित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी। बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी टीम ने इन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है। जांच में विकास दुबे और जय बाजपेई के साथ इनकी मिलीभगत उजागर हुई है। इनमें सिपाही, दरोगा व इंस्पेक्टर शामिल हैं।

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बता दें कि बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी टीम ने 3 पीपीएस एसपी प्रद्युम्न सिंह, डीएसपी आरके चतुर्वेदी, डीएसपी सूक्ष्म प्रकाश के नाम की भी लिस्ट कानपुर के उच्चाधिकारियों को सौंपी है।

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SIT जांच में इन्हें पाया गया दोषी
जेल में बंद चौबेपुर केपूर्व एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा, बजरिया थानेदार राममूर्ति यादव, पूर्व बजरिया इंस्पेक्टर मोहम्मद इब्राहिम, एसके वर्मा, पूर्व चौबेपुर एसओ वेद प्रकाश, राधे श्याम यादव, संजय सिंह, सतीश चंद्र, राकेश कुमार, लालमणि सिंह, बूजकिशोर मिश्र, मुकेश कुमार, पूर्व शिवली थानेदार राकेश कुमार श्रीवास्तव, पूर्व रूरा थानेदार धर्मवीर सिंह, पूर्व नजीराबाद थानेदार जितेंद्र पाल, दरोगा दीवान सिंह, दोरोगा विश्वनाथ मिश्रा, अजहर इशरत, कुंवरपाल सिंह, दरोगा संजय कुमार, जय कुमार त्रिपाठी, इंद्रापाल, बैजनाथ गौड़, सुजीत कुमार मिश्रा, लवकुश सिंह चौहान तत्कालीन थाना प्रभारी शिवली दीवान गिरिा व सूबेदार सिंह, लखनऊ कृष्णा नगर थाने के पूर्व इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय, कृष्णा नगर थाने के दरोगा अवनीश कुमार सिंह, सिपाही लायक सिंह, राजीव कुमार, अभिषेक कुमार, कुंवर पाल धमेंद्र सिंह, विकास कुमार और सुरेश तिवारी का नाम शामिल है।

क्या है मामला?
गौरतलब है कि तीन जुलाई 2020 की दरमियानी रात करीब एक बजे गैंगस्टर विकास दुबे को पकडऩे गए पुलिस दल पर उसके गुर्गों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला कर पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा, तीन दारोगा और चार सिपाहियों की हत्या कर दी थी। जिसके बाद चौबेपुर थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था।     

 

      


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