चंडीगढ़ विश्वविद्यालय छात्रों को देगा 45 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति: डॉ. आरएस बावा

punjabkesari.in Wednesday, Aug 24, 2022 - 06:53 PM (IST)

मेरठ: चंडीगढ़ विश्वविद्यालय वर्ष 2022 के लिए सीयूसीईटी (प्रवेश सह छात्रवृत्ति परीक्षा) प्रोग्राम के तहत देश भर के छात्रों को 45 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति देगा। विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर डॉ आरएस बावा ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इंजीनियरिंग, एमबीए, लॉ, फार्मेसी और एग्रीकल्चर कोर्सों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा देना अनिवार्य होगा।

डॉ बावा ने सीयूसीईटी 2022 के दूसरे चरण का उद्घाटन करते हुए बताया कि यह एक ऑनलाइन परीक्षा है, जो छात्रों को अपना स्लॉट चुनने के लिए लचीलापन प्रदान करती है और उन्हें अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में 100 प्रतिशत तक शैक्षणिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने के योग्य बनाती है। उन्होंने बताया कि देश के मैरिटोरियस और प्रतिभावान छात्रों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई सीयूसीईटी स्कीम के तहत अब तक 63 हजार से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। इस वर्ष अब तक 15 हजार छात्रों ने सीयूसीईटी छात्रवृत्ति स्कीम का लाभ उठाया है।      

डॉ ने बताया कि अपने नवीनतम एकेडमिक मॉडल और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त 150 से अधिक कोर्सों के साथ चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, गूगल, डेल टेक्नोलॉजी, विप्रो, कॉग्निजेंट और एमेजन जैसी टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों की पहली पसंद बन गई है। उन्होंने कहा कि कोविड 19 महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के बावजूद इस साल अब तक 900 से ज्यादा कंपनियां चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल हुई हैं। बैच 2022 के छात्रों को टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों ने 9 हजार 5 सौ से ज्यादा प्लेसमेंट ऑफर दिए हैं, जिनमें 1.70 करोड़ रुपये के उच्चतम पैकेज की पेशकश की गई है।

उन्होंने बताया कि पड़ासी राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर छात्र छात्राएं विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें अकेले मेरठ से 1680 बच्चे शामिल हैं। रिसर्च और इंडस्ट्री के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के बारे में बात करते हुए डॉ बावा ने कहा कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने इंजीनियरिंग, आईटी, साइंस और हेल्थकेयर के क्षेत्र में 1800 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिसमें से 100 से ज्यादा पेटेंट उत्तर प्रदेश के छात्रों ने फाइल किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय ने 80 देशों में 450 टॉप विश्वविद्यालयों के साथ टाईअप किया है।

डॉ. बावा ने बताया कि छात्रों को रिसर्च के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए इस साल 12 करोड़ रुपए का विशेष बजट आरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा, 'कैंपस में 30 से अधिक उद्योग-प्रायोजित एक्सीलेंस और ट्रेनिंग सेंटर हैं, जहां छात्रों को व्यावहारिक ट्रेनिंग और अनुभव प्रदान करके उद्योग जगत की मांग के अनुसार तैयार किया जाता है।

 


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Content Writer

Mamta Yadav

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