सपा सरकार में घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती थीं लेकिन परिणाम कुछ नहीं आता था: मुख्यमंत्री योगी
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 11:23 AM (IST)
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती थीं लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं आता था। योगी ने विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन अपनी सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा, "हमने न केवल घोषणाएं कि बल्कि उसको धरातल पर उतारा भी है।" उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने प्रदेश के प्रति धारणा को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। हमने प्रदेश के लोगों को ये हौसला दिया है कि वे देश-विदेश में जाकर गर्व के साथ कह सकें कि वह सबसे बड़ी आबादी वाले उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं।"
योगी ने आरोप लगाया, "समाजवादी पेंशन केवल समाजवादी कैडर को मिलती थी लेकिन हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। हम सबको समान रूप से देखते हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन कर रोबोटिक्स मिशन की शुरुआत के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। योगी ने कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में प्रदेश के नौजवानों के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 25 लाख नौजवानों को मुफ्त में एआई वर्जन उपलब्ध कराने के लिए सरकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोबोटिक, ड्रोन प्रशिक्षण, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग में पारंगत बनाने के लिए सरकार काम करेगी।
मु्ख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण की दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ और उसके अगल-बगल के जिलों को 'स्टेट कैपिटल रीजन' के रूप में स्थापित किया जा रहा है और इन्हें सिटी इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। योगी ने कहा कि दूसरा जोन काशी से लेकर विंध्याचल तक विकसित किया जाएगा और इसके अंतर्गत चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसे इकोनॉमिक जोन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पशुधन, मत्स्य, पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता क्षेत्र में व्यापक प्रावधान किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को भी समान महत्व दिया जा रहा है। योगी ने कहा कि निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नस्ल सुधार की दिशा में भी सरकार ठोस कदम उठाएगी ताकि दुग्ध उत्पादन और पशुधन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके।

