UP Police में भेदभाव का खेल! सिपाही पर तगड़ा एक्शन, दरोगा के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं.... सच सुनकर चौंक जाएंगे; पूरा मामला उड़ा देगा होश

punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 02:28 PM (IST)

आगरा: थाना शाहगंज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सराय ख्वाजा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस पर अवैध हिरासत और कथित अवैध वसूली का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस महकमे ने एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि अन्य आरोपों की जांच जारी है।

पीड़ित रईस खान, निवासी सराय ख्वाजा, के अनुसार उन्होंने एक बुलडोजर (जेसीबी) फाइनेंस पर खरीदा था, जिसकी कुछ किस्तें बकाया हैं। रईस का आरोप है कि 7 फरवरी को थाना शाहगंज से जुड़े दरोगा दीपक और सिपाही सनी मलिक उनके घर पहुंचे और सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें थाने ले गए। पीड़ित का दावा है कि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें थाने की हवालात में करीब 12 घंटे तक रखा गया।

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25 हजार रुपये लेने का आरोप
रईस खान का आरोप है कि देर रात 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। उन्होंने बृहस्पतिवार को इस संबंध में डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की।

सिपाही लाइन हाजिर, जांच जारी
प्राथमिक शिकायत के आधार पर सिपाही सनी मलिक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। हालांकि, हवालात में बंद रखने के आरोप में अन्य किसी पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही आगे कदम उठाए जाएंगे। डीसीपी सिटी ने बताया कि पीड़ित के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा 'तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।' 

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‘सपा नेता के माध्यम’ से रकम की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, फाइनेंस कंपनी की ओर से रईस खान के खिलाफ एक प्रार्थनापत्र थाना शाहगंज में दिया गया था, जिसकी जांच दरोगा को सौंपी गई थी। इसी सिलसिले में रईस को थाने बुलाया गया। आरोप है कि हवालात में बंद किए जाने के बाद रात में एक सपा नेता थाने पहुंचे, जिनसे पीड़ित ने मदद की बात की। बताया जा रहा है कि रकम उधार लेकर ऑनलाइन ट्रांसफर की गई, जिसके बाद रईस को छोड़ा गया।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल
थाना शाहगंज पुलिस पर पहले भी वसूली से जुड़े आरोप लगते रहे हैं। ताजा मामले ने एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 


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Content Editor

Purnima Singh

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