लव जिहाद कानून पर भाकपा ने कहा- नफरत की राजनीति करना संघ-भाजपा का एजेंडा

punjabkesari.in Wednesday, Nov 25, 2020 - 07:34 PM (IST)

लखनऊ: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने कहा है कि ‘लव जिहाद' पर योगी सरकार की कैबिनेट से पारित अध्यादेश देश के संविधान पर आघात है। यह विश्वास व धर्म की स्वतंत्रता और नागरिक आजादी के संविधान प्रदत्त अधिकारों पर मनुवादी हमला है।

पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बुधवार को कहा कि सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के बाद ‘लव जिहाद' पर अध्यादेश झूठ पर आधारित एक और कानून है, जो मुस्लिम मर्दों को निशाने पर लेकर लाया गया है लेकिन जिसकी जद में हिन्दू महिलाओं की स्वतंत्रता भी आएगी। यह अध्यादेश प्रेम व विवाह करने के सहज स्वाभाविक मानवीय संबंधों में राज्य द्वारा टांग अड़ाने, एक हौवा खड़ा कर उत्पीड़न करने के लिए कानूनी प्रावधान करने और सुरक्षा के बजाय भय का माहौल बनाने के लिए लाया गया है।

माले नेता ने कहा कि नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति संघ-भाजपा का एजेंडा है और ‘लव जिहाद' भी उसी का हिस्सा है। ऐसा नहीं हो सकता कि भाजपा को जिहाद शब्द का अर्थ नहीं मालूम, ऐसे में ‘लव जिहाद' का भाजपाई ‘आविष्कार' गोएबल्स के झूठ के समान है, जिसके पीछे मनुवादी-ब्राह्मणवादी-पितृसत्तात्मक मानसिकता काम कर रही है। भाकपा (माले) इस अध्यादेश का कड़ा विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है।


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Umakant yadav

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