गरीबों और छात्रों के भविष्य की चिंता कर डिप्टी सीएम के बेटे योगेश मौर्य ने मुकदमा वापस लिया

punjabkesari.in Monday, Apr 25, 2022 - 06:03 PM (IST)

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बेटे योगेश मौर्य के साथ चुनाव प्रचार के दौरान मारपीट करने वाले 48 लोगों के खिलाफ केस दर्ज के मामले में नया मोड़ आ गया है। आपको बता दें कि डिप्टी सीएम के बेटे योगेश मौर्य की तहरीर पर 23 अप्रैल दिन शनिवार को मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली में 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। 25 नामज़द और 25 अज्ञात खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा। 

मुकद्दमा दर्ज होने की जानकारी होते ही लोगों में हड़कंप मच गया। पइंसा कोतवाली पुलिस द्वारा घटना की विवेचना की ही जा रही थी कि क्षेत्रीय लोगों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बेटे योगेश मौर्य के पास जाकर उन्हे बताया कि मुकदमे में बहुत से गरीब परिवार के लोग हैं और कई छात्र भी हैं मुकदमे के कारण उनका भविष्य बर्बाद हो सकता है। डिप्टी सीएम के बेटे योगेश मौर्य ने लोगों की बात को समझते हुवे मुकद्दमे को वापस लेने का फैसला लिया। योगेश मौर्य ने एसपी कार्यालय पहुच अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर को मुकदमा वापस लेने का पार्थना पत्र दिया है। 

सिराथू निवासी योगेश मौर्य का आरोप है कि वह अपने पिता तथा भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में अपने समर्थकों के साथ 24 फरवरी को मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली क्षेत्र नारा गांव तरफ प्रचार प्रसार करने गए थे। उद्हिन बाजार के समीप दर्जनों की संख्या में लोग आए और विरोध करने लगे कारण पूछने पर मारपीट की और गाली गलौज भी किया इस दौरान योगेश मौर्य की सोने की चेन और जेब में रखे हुए पैसे लूट लेने का आरोप लगाया। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को हुई तो सिराथू क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कृष्ण नारायण कई थाना की फोर्स के साथ मौके पहुचे। किसी तरह मामले को शांत कराया गया। किसी तरह वहां से योगेश मौर्य को भीड़ से बाहर निकाला गया और उनकी जान बचाई गई थी। चुनावी माहौल के कारण मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस लिए अब योगेश मौर्य ने मामले की शिकायत शनिवार को उच्चअधिकारियों से की है।  

डिप्टी सीएम के बेटे योगेश मौर्य ने मुकदमा वापस लेने पर बोले
एक चुनाव के समय एक घटना घटित थी नारा जा रहे थे हम लोग उदहिन के पास कुछ लोग सपा के कार्यकर्ता थे गाड़ी को रोककर तोड़ फोड़ किये थे अभद्र टिप्पणी किये थे जब से चुनाव में सिराथू से हार हुई मेरे सोशल मीडिया पर मेरे ट्विटर पर दिन रात  समझ लीजिए कि ना व्यक्तिगत टिप्पणी प्रहार हो रहा है मेरे पिताजी को इतनी अभद्र अभद्र गालियां देते हैं मैं बहुत दुखी हो करके एप्लीकेशन दिया था एप्लीकेशन देने के बाद जो उनके परिजन है वह लोग फोन किए रोने लगे। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेना शुरू कर दिया जैसे लोगों को पता चला उनके परिजन आए थे और कहने लगे तो उसमें कई स्टूडेंट थे और नौजवान भी थे कहने लगे उनका भविष्य खराब हो जाएगा और सिराथू की जनता के सम्मान के लिए और नौजवानों के लिए मैं और अपनी शिकायत वापस लिया क्योंकि मुझे देखिए राजनीतिक द्वेष हो सकता है मेरी किसी से व्यक्तिगत कोई दुश्मनी नहीं है और कुछ महीनों से जब से सिराथू की हार हुई राम मंदिर आंदोलन को लेकर मैंने उसमें काफी बयान दिए थे मुस्लिमों के अकाउंट से पैसा दिलवाया था मुझे ट्रोल किया जा रहा था सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग तरह से व्यक्तिगत की टिप्पणियां की जा रही थी और पूरा मेरा मानसिक मेंटल हरासमेंट किया गया उस से तंग आकर तब मैंने फैसला लिया एप्लीकेशन देने का मैं मुकदमा वापस ले रहा हूं सिराथू की जनता के सम्मान के लिए और जो इसमें आरोपी हैं उनके परिजनों से मेरी बात हुई उसमें बहुत ही गरीब व्यक्ति कई लोग हैं कुछ उसमें स्टूडेंट है मेरे जैसे ही है उनका भविष्य खराब हो जाएगा इसलिए सिराथू की जनता सम्मान के लिए मैंने अपनी शिकायत वापस लिया मैं सभी से यही आग्रह है कि राजनीति टिप्पणी करिए फेस कीजिए लेकिन किसी विशेष व्यक्ति पर प्रहार ना करें। 

मामले अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर 23 /4 / 22 को एक मुकदमा योगेश मौर्य के तहरीर पर थाना मोहब्बतपुर पइंसा मुकदमा लिखा गया था जिस संबंध में आज एक और एप्लीकेशन दिया है जिसमें वह अपने नौजवानों साथियों और लोगों के भविष्य का ख्याल रखते हुए या कहा है कि हम कुछ लोगों ट्रोल करने के कारण मैं थोड़ा ब्यतीत हो गए थे इस कारण इन्होंने मुकदमा लिखा दिया था अपने साथियों का और नौजवानों का भविष्य को देखते हुए मुकदमा खत्म कराना चाहता हूं मैं देख रहा हूं जो विधिक जो उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी। 
 


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Imran

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