किसानों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को किया जाम, कृषि कानूनों का किया विरोध

11/28/2020 4:37:24 PM

महोबा: महोबा जिले के कुलपहाड़ कस्बे में शनिवार को केंद्र सरकार के कृषि संबंधी 3 कानूनों के विरोध में बुंदेलखंड़ के किसानों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। कुलपहाड़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनूप कुमार दुबे ने बताया कि "बुंदेलखंड़ किसान यूनियन (बीकेयू) की अगुआई में करीब 500 किसानों ने शनिवार दोपहर में करीब 1 बजे कुलपहाड़ कस्बे में झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया था, जिससे यातायात बाधित हो गया था।" उन्होंने बताया कि "किसान केंद्र सरकार के हाल के कृषि संबंधी तीन कानूनों का वापस लेने की मांग कर रहे थे।" 

एसएचओ ने बताया कि "अधिकारियों से बातचीत के बाद किसान नेताओं ने करीब दो घंटे बाद स्वतः जाम खोल दिया है। किसानों के साथ किसी तरह का कोई टकराव नहीं हुआ है।" बुंदेलखंड़ किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि "कर्ज और मर्ज से जूझ रहे बुंदेलखंड़ के किसान वैसे भी रोजाना आत्महत्या कर रहे हैं, यदि ये कानून लागू हो गए तो किसान सामूहिक आत्महत्या करने के लिए बाध्य होंगे।" उन्होंने दावा किया कि "आज के प्रदर्शन में करीब डेढ़ हजार किसानों ने हिस्सा लिया और अनवरत कृषि संबंधी नए कानूनों को वापस लिए जाने तक विरोध किया जाता रहेगा।" शर्मा ने कहा कि "अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए देश का किसान एकजुट है। किसी भी दशा में किसान विरोधी कानून लागू नहीं होने दिया जाएगा।" 

उन्होंने कहा कि "शांति पूर्ण प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली जा रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों पर शुक्रवार को केंद्र सरकार के इशारे पर खट्टर सरकार की पुलिस ने सिंघू सीमा पर ज्यादती की है। किसानों पर पानी की बौछारें, आंसू गैस गोले और लाठियां भांजकर अपनी किसान विरोधी सोच उजागर की है।" उधर, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने बताया कि "फतेहपुर जिले से आज शाम करीब एक सौ किसानों का जत्था निजी वाहनों से दिल्ली कूच कर रहा है जो वहां पंजाब और हरियाणा के किसानों के प्रदर्शन में हिस्सा लेगा।" 


Tamanna Bhardwaj

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