Mahakumbh 2025: आस्था, भव्यता और इतिहास के महासंगम का समापन, आज अफसर और कर्मचारियों का सम्मान करेंगे योगी

punjabkesari.in Thursday, Feb 27, 2025 - 08:39 AM (IST)

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 ने न सिर्फ आध्यात्मिकता की नई ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि भव्यता और दिव्यता के मामले में भी दुनिया भर में एक अनूठा उदाहरण पेश किया। 45 दिनों तक चले इस महाआयोजन में 66 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में स्नान कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया। योगी सरकार की मेहनत और केंद्र के सहयोग से प्रयागराज का कायाकल्प हुआ, जिसने इस बार महाकुंभ को पहले से कहीं अधिक भव्य और दिव्य बना दिया। आम से लेकर खास तक, हर किसी ने इस पवित्र अवसर पर अपनी आस्था को साकार किया। आज महाकुंभ मेले के समापन की औपचारिक घोषणा होगी।

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सीएम योगी करेंगे अफसर और कर्मचारियों का सम्मान
आज महाकुंभ मेले की औपचारिक घोषणा की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद है, हालांकि मंगलवार देर शाम तक सीएम के आगमन का कार्यक्रम नहीं आया था। जानकारी के मुताबिक, इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अफसरों, कर्मचारियों और संस्थाओं को सम्मानित करेंगे। समारोह में मेले के दौरान बनने वाले चार विश्व कीर्तिमान के सर्टिफिकेट मिलने की भी उम्मीद है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि प्रमाणपत्र देंगे।

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66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान कर बनाया इतिहास 
45 दिनों तक चले महाकुंभ 2025 के महाआयोजन में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान कर इतिहास बनाया। आज तक दुनिया भर में किसी एक आयोजन में इतने बड़े मानव समागम का कोई इतिहास नहीं है। यह संख्या भारत की आबादी का लगभग 50 फीसदी है, जबकि दुनिया के कई देशों की आबादी से कहीं ज्यादा है। महाकुंभ 2025 में सभी 13 अखाड़ों की उपस्थिति रही, जिन्होंने तीनों अमृत स्नान में पुण्य डुबकी लगाकर परंपरा का निर्वहन किया। इन 13 अखाड़ों के साथ इनके अनुगामी अखाड़े भी सम्मिलित हुए, जिसमें जूना अखाड़े का अनुगामी अखाड़ा किन्नर अखाड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। इन अखाड़ों ने महाकुंभ की परंपरा के अनुसार दीक्षा कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन संपन्न किया।

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अभी संगम पर बनी रहेंगी सुविधाएं
महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ महाकुंभ का समापन हुआ, लेकिन संगम तथा आसपास के क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल रहेंगी। अभी आगे भी बड़ी संख्या में स्नानार्थियों के आने के आसार हैं। इस संभावना को देखते हुए जरूरी सुविधाएं रखने का निर्णय लिया गया है। संगम स्नान के लिए अब वर्ष पर्यंत श्रद्धालु आने लगे हैं। इसे देखते हुए बाढ़ के दिनों को छोड़कर अन्य समय में संगम क्षेत्र में बिजली, शौचालय आदि सुविधाएं बहाल रखी जाती रही हैं। महाकुंभ 2025 के बाद संगम क्षेत्र का रंग विश्व पर्यटन के नक्शे पर और चटख हुआ है।


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Content Editor

Pooja Gill

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