आत्महत्या का मन बना चुके थे महंत नरेंद्र गिरि, 5-6 दिनों में लिखा सुसाइड नोट... बस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

9/23/2021 11:34:17 AM

प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bharatiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के सुसाइड नोट (Suicide note) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जिस सुसाइड नोट को फर्जी बताया जा रहा है, उसे खुद महंत नरेंद्र गिरि ने ही लिखा है. सूत्रों के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या का मन बना चुके थे और उन्होंने 5-6 दिनों में उन्होंने धीरे-धीरे सुसाइड नोट लिखा, जिसमें कई सारी बातों का जिक्र किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब सिर्फ फॉरेंसिक रिपोर्ट (forensic report) की औपचारिकता का ही इंतजार है। रिपोर्ट आते ही साफ हो जाएगा कि महंत नरेंद्र गिरि ने खुद ही सुसाइड नोट लिखा था।
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बता दें कि बता दें कि सोमवार शाम लगभग 5:30 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में महंत नरेंद्र गिरी की मौत हो गई थी। वहीं मौके पर 11 पन्नो का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। जिसमें उन्होंने आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सुसाइड नोट में शिष्य बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाया है।
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वहीं महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने सुसाइड नोट को संदिग्ध करार देते हुए कहा कि महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या नहीं कर सकते है। कैलाशानंद ने बताया कि सुसाइड नोट पूरी तरह से फर्जी है। मैंने कई बार नोट को पढ़ा है, उनकी हैंडराइटिंग अच्छे से पहचानता हूं। यह उनके द्वारा लिखी गई नोट नहीं है। सुसाइड नोट पर किया गया हस्ताक्षर नरेंद्र गिरी का नहीं है। इस मामले पीछे किसी की साजिश है। जांच होने के बाद इसका पर्दाफाश हो जाएगा।
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इसी पत्र के आधार पर स्वामी आनंद गिरी (Anand Giri) को हरिद्वार से यूपी पुलिस (UP Police) ने गिरफ्तार किया, जबकि आद्या प्रसाद तिवारी और  उनके बेटे संदीप तिवारी को  मठ बाघम्बरी गद्दी से ही गिरफ्तार किया गया।


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Content Writer

Tamanna Bhardwaj

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