“अइसे माई बनबू…मार के मुंह फोड़ दें हम” डिलीवरी के वक्त सास का दर्द में कराहती बहू से ऐसा बर्ताव, हर किसी को कर रहा हैरान, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा; Video
punjabkesari.in Friday, Nov 14, 2025 - 07:01 PM (IST)
प्रयागराज : यूपी में प्रयागराज जिले के एक निजी अस्पताल का ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। वीडियो में दिखाया गया है कि लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान एक बहू दर्द से तड़प रही है और उसी वक्त उसकी सास उसपर गुस्सा करती है, उसे बुरी तरह डांट देती है। सास का बर्ताव देखकर हर कोई हैरान है। इस वीडियो को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नाज़ फातिमा (@drnaazfatima) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है।
डिलीवरी रूम का चौंकाने वाला नज़ारा
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से गुजर रही है। उसका पति उसका हाथ थामे उसे दिलासा दे रहा है। तभी महिला की सास गुस्से में आकर उसे झिड़क देती है। वह कहती है “छोड़ो उनका हाथ!” और जब एक रिश्तेदार कारण पूछता है तो सास कहती है “मुंह बंद करो एकदम, मार दें मुंह पे हम? गला दबा दें तो आवाज ना निकले।” इतना ही नहीं, सास दर्द में कराहती बहू पर सिजेरियन नहीं बल्कि नॉर्मल डिलीवरी करवाने का दबाव बनाती है। हालांकि परिवार के अन्य सदस्य डॉक्टर की सलाह पर सिजेरियन की बात करते दिखते हैं।
डॉक्टर का बयान: “इस वक्त प्यार जरूरी होता है, डांट नहीं”
वीडियो शेयर करते हुए डॉक्टर नाज़ फातिमा ने लिखा “अब समझ आया कि मैं डिलीवरी में सास को क्यों नहीं रखती और हसबैंड को क्यों रखती हूं।” उन्होंने वीडियो को कैप्शन दिया, “इस टाइम पे प्यार से बात करना होता है।” डॉक्टर ने बताया कि डिलीवरी के दौरान महिला को प्यार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, न कि ताने या डांट की।
“मजाक था या अमानवीयता?”
बाद में वीडियो पर यह टेक्स्ट भी दिखाया गया कि यह एक “प्रैंक” था जो उलटा पड़ गया। हालांकि, वीडियो में दर्शकों को सास का व्यवहार किसी मजाक जैसा नहीं लगा। कई लोगों ने कहा कि बहू की मुस्कान मजबूरी और दर्द की थी, हंसी की नहीं। लोगों ने सास के इस बर्ताव की जमकर निंदा की है। एक यूजर ने लिखा, “गर्भवती महिला का अपमान होते देखना बेहद दुखद है। ऐसे वक्त में कोई इंसान अगर कुछ नहीं कहता, तो वह भी दोषी है।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “यहां सबसे बड़ी गलती पति की है, जो अपनी पत्नी के लिए आवाज नहीं उठा सका।”

