आस्था या अंधविश्वास! मंदिरों में फिर दूध पीने लगे नंदी, लोगों की उमड़ी भीड़, भक्त का दावा- चम्मच लगाते ही दूध हो रहा गायब

punjabkesari.in Sunday, Mar 06, 2022 - 04:04 PM (IST)

अलीगढ़: एक बार फिर मंदिरों में पत्थर के नंदी दूध पीने लगे हैं। तेजी से यह अफवाह फैल रही है और लोगों की आस्था ने मंदिरों में भीड़ बढ़ा दी है। भक्तगढ़ बर्तन में दूध लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं और चम्मच से नंदी को दूध पिला रहे हैं। आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है। अलीगड़ में कई मंदिरों में लोग दूध लेकर पहुंच रहे हैं। रविवार को खैर क्षेत्र के चंदौस रोड पर बिलखोरा गांव में भगवान भोले जी के नंदी को भक्तगण दूध पिला रहे हैं। 

बता दें कि खैर तहसील क्षेत्र के चंडौस रोड गांव बिलखोरा में लोगों का आश्चर्यचकित कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गांव के अंदर वर्षों पुराने भोलेनाथ का मंदिर बना हुआ है। गांव के अंदर बने इस प्राचीन भोलेनाथ मंदिर के अंदर भगवान शंकर के पास रखें नंदी की प्रतिमा के दूध पीने की खबर ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में आग की तरह फैल गई। लोगों ने बताया कि भोलेनाथ के मंदिर के अंदर रखी नंदी की पत्थर की प्रतिमा दूध पी रही है। इसके बाद सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग जिसको घर के अंदर जो बर्तन मिला, उस बर्तन में घर से दूध लाए और सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु भोलेनाथ के मंदिर पर नंदी की प्रतिमा को अपने हाथों से दूध पिलाने के लिए पहुंच गए।

इसके बाद भोलेनाथ के मंदिर में रखी नंदी की प्रतिमा को कटोरी, गिलास,चम्मच सहित बर्तनों से भोलेनाथ के भक्त नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने लगे। भोलेनाथ के मंदिरों पर नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ी भीड़ के बाद मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगने के चलते व्यवस्था चरमरा गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस के द्वारा मंदिर पर दूध पिलाने को लेकर लगी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मोर्चा संभालना पड़ा। इस दौरान बताया जा रहा था कि गांव के अंदर कोई व्यक्ति मंदिर में दूध पान कराने के लिए गया था। जिसके बाद उसके द्वारा भोलेनाथ के मंदिर में रखी नंदी की प्रतिमा के मुंह से दूध की कटोरी लगाया तो उसके बाद कटोरी से दूध धीरे-धीरे गायब होने लगा। कटोरी से दूध गायब देख दूध पिलाने पहुंचा व्यक्ति आश्चर्यचकित रह गया और उसके बाद उसने यह बात गांव पहुंचकर लोगों को बताई। जिसके बाद गांव के लोग हैरान हो गए और उसके बाद खुद लोग अपने-अपने घरों से दूध लेकर भोलेनाथ के मंदिर पर नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ पड़े।

श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में पहुंचकर मंदिर के अंदर रखें नंदी की प्रतिमा को एक-एक कर दूध पिलाने लगे। मंदिर में नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने की सूचना पर आसपास के गांव के लोग भी भोलेनाथ के मंदिर पर नंदी को दूध पिलाने के लिए उमड़ पड़े और नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाया गया। हालांकि इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं होना आम बात है। लोगों द्वारा जो दूध मंदिर के अंदर रखें नंदी या भोलेनाथ की प्रतिमा को पिलाया जाता है। श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिमा को पिलाया हुआ दूध प्रतिमा के सहारे मंदिर से निकलने वाली नाली से होकर बाहर निकल जाता है। जबकि प्रतिमा को दूध पिलाने वाले श्रद्धालुओं को ऐसा लगता है कि उसके द्वारा जो दूध प्रतिमा को पिलाया जा रहा वह दूध प्रतिमा ने पी लिया है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता है। यह सिर्फ लोगों का एक अंधविश्वास है। अब इसे लोगों की श्रद्धा कहे या अंधविश्वास, लेकिन मंदिर के अंदर नंदी की प्रतिमा के दूध पिए जाने की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैली हुई है।

 


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Content Writer

Mamta Yadav

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