किसानों पर टूटा प्रकृति का कहर, प्रशासन बोला 10% नुकसान, किसान बोले- ‘जमीनी हालात इससे कहीं ज्यादा खराब’

punjabkesari.in Friday, Oct 31, 2025 - 04:39 PM (IST)

मिर्जापुर (बृज लाल मौर्या): चक्रवात मोचा के प्रभाव से पिछले 72 घंटे में हुई लगातार बारिश ने जिले के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। करीब 70 मिमी बारिश के चलते धान की फसलें बर्बाद हो गईं। किसान जहां फसल की कटाई की तैयारी में जुटे थे, वहीं अचानक आई बरसात ने उनकी उम्मीदों पर गहरा आघात पहुंचाया।

फसलें पानी में डूबीं, खेतों में गिरा धान
लगातार बारिश से कई इलाकों में धान की फसलें पानी में डूब गईं, जबकि कई जगह खेतों में फसलें गिरकर सड़ने लगीं। किसानों के मुताबिक लगभग 30 फीसदी तक फसल नुकसान का अनुमान है। कई किसानों ने बताया कि जिन खेतों में कटाई हो चुकी थी और फसल सुखाने के लिए रखी गई थी, वह पूरी तरह से भीगकर नष्ट हो गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता, फसल पूरी तरह बर्बाद
बारिश के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस बार फसल अच्छी हुई थी, लेकिन मौसम की मार ने सब कुछ खत्म कर दिया। किसानों ने सरकार से नुकसान की सही तरीके से जांच और मुआवजा की मांग की है। हालांकि प्रशासन की टीमें नुकसान के आकलन में जुट गई है। 

जिलाधिकारी मिर्जापुर ने कहा कि “जिले में बारिश से फसल को 10 से 12 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। टीमों को जमीनी सर्वे के लिए भेजा गया है। हालांकि किसानों का कहना है कि प्रशासन नुकसान का आकलन कम मात्रा में कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर नुकसान काफी ज्यादा हुआ है।
 


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Content Writer

Ramkesh

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