UP Budget 2021-22: जानिए, योगी सरकार के ''पेपरलेस बजट'' पर क्या बोले विपक्ष के दिग्गज नेता

2/23/2021 1:25:17 PM

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल में पहला पेपरलेस बजट प्रस्तुत किया। वित्त वर्ष 2021-22 का बजट राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तुत किया। सदन में लैपटॉप से बजट पढ़ते हुए खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उप्र को 'आत्म निर्भर' बनाना तथा सर्वांगीण विकास करना है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी आदित्यनाथ सरकार के मौजूदा कार्यकाल का 5वां बजट है। आइए अब हम आपको बताते हैं कि योगी सरकार के इस अंतिम बजट पर विपक्ष के दिग्गज नेताओं ने क्या-क्या प्रतिक्रिया दी है।

PunjabKesariअखिलेश बोले- बजट निराशाजनक,जनहित की उपेक्षा वाला 
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  विधानसभा में प्रस्तुत योगी सरकार के बजट को पूर्णतया निराशा जनक और जनहित की घोर उपेक्षा करने वाला बताया। भाजपा ने अपने चरित्र के अनुसार इसमें जनता को गुमराह करने वाली घोषणाएं की है। राज्य सरकार ने जाते-जाते झूठे वादों की झड़ी लगाई है और किसानों, नौजवानों, महिलाओं तथा व्यापारियों सभी को धोखा दिया है। भाजपा के बजट से गरीबों को नहीं अमीर उद्योगपतियों को और ज्यादा लाभ मिलेगा। बढ़ती मंहगाई पर नियंत्रण का कोई संकेत नहीं है। मुख्यमंत्री ‘ पेपर लेस‘ का बड़ा बखान कर रहे थे परन्तु हकीकत में यह भी नज़र आया कि टेबलेट से बजट गायब हो गया और पहली बार ऐसा हुआ कि विधायकों को बजट की जानकारी सुनकर ही मिली। बजट में विकास की दिशा ही नदारद है। काम करने के बजाय जुमलेबाजी से काम चलाया जा रहा है। भाजपा जो वादे करती है, वह पूरा नहीं कर पाती है।

PunjabKesariनिराशाजनक बजट में हसीन सपने दिखाने का प्रयास: मायावती 
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट प्रस्तावों को निराशाजनक और युवाओं के लिये क्रूर मजाक करार दिया। उन्होने कहा कि केन्द्र की तरह यूपी के भी बजट में जनता को हसीन सपने दिखाने की कोशिश की गई है। मायावती ने ट्वीट किया कि यूपी विधानसभा में पेश बीजेपी सरकार का बजट भी केन्द्र सरकार के बजट की तरह ही यहां प्रदेश में खासकर बेरोजगारी की क्रूरता दूर करने हेतु रोजगार आदि के मामले में अति-निराश करने वाला है। केन्द्र सरकार की तरह यूपी के बजट में भी वायदे व हसीन सपने जनता को दिखाने का प्रयास किया गया है।      उन्होने कहा कि यूपी की लगभग 23 करोड़ जनता के विकास की लालसा की तृप्ति के मामले में यूपी सरकार का रिकार्ड केन्द्र व यूपी में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद भी वायदे के अनुसार संतोषजनक नहीं रहा। खासकर गरीबों, कमजोर वर्गों व किसानों की समस्याओं के मामले में भी यूपी का बजट अति-निराशाजनक।

PunjabKesariयुवाओं, किसानों और महिलाओं पर केंद्रित है बजट: अनुप्रिया
अपना दल (एस) अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उत्तर प्रदेश के पहले पेपरलेस बजट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इसमें किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पटेल ने कहा कि 2021-22 का बजट उत्तर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बजट में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 600 करोड़ रुपए का आवंटन करना सराहनीय कदम है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ की घोषणा महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा महिला शक्ति केन्दों की स्थापना के लिए 32 करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक तहसील में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की घोषणा से प्रदेश में महिलाओं की समस्याओं के तत्काल निदान में मदद मिलेगी।

PunjabKesariलफ्फाजी का बजट सच्चाई से कोसों दूर : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि योगी सरकार द्वारा पेश बजट लफ्फाजी का पिटारा है और सच्चाई से कोसो दूर है। सिंह ने कहा कि सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड से साफ तौर पर समझा जा सकता है कि इस सरकार ने 4 साल में जनता के लिए कोई काम नहीं किया, बल्कि कोरोना के टाइम में 800 का ऑक्सीमीटर 5000 रूपए में खरीदा गया और 1600 का थर्मोमीटर 13 हजार रुपयों में खरीदा गया। इसके बाद भी अगर यह सरकार बजट में कोरोना के समय में अनुकरणीय काम करने कि बात करती है तो इसे लफ्फाजी ही कहा जाएगा। इस बजट में लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने, रोजगार देने, बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार की कोई द्दष्टि दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। इस तरह से यह बजट पूरी तरह से निराशा का बजट है और लफ्फाजी का बजट है।

किसानों को निराश करने वाला बजट : RLD
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रवक्ता अनिल दुबे ने योगी सरकार के बजट को विकासहीन और किसान विरोधी बताते हुए कहा कि किसानों को सरकार के अन्तिम बजट से बड़ी उम्मीदें बधी थी मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। दुबे ने कहा कि बजट में किसान, मंहगाई और आम आदमी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कुल मिलाकर यह बजट जनता को गुमराह करने वाला है। बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की बात जरूर की गई है, लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि किस तरह से किसानों की आय बढ़ाने का काम करेगी क्योंकि बजट में न तो गन्ना मूल्य बढाने की घोषणा की गई है और न ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने की कोई घोषणा की गई है और न ही युवाओं के रोजगार के बारे में कोई योजना बनाई गई है।


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Content Writer

Anil Kapoor

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