बाबरी विध्वंश मामला: वकील के कोरोना संक्रमित होने के कारण 2 दिन के लिए टली सुनवाई

6/30/2020 11:06:07 AM

लखनऊ: बाबरी विध्वंस मामले में 30 जून से पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और एक जुलाई को वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी को सीबीआई की विशेष अदालत में बयान दर्ज होना था, लेकिन एक वकील के कोरोना संक्रमित होने के कारण जिला जज के निर्देश पर अदालत को 2 दिनों के लिये बंद कर दिया गया। इस मामले की एक आरोपी साध्वी ऋतंभरा का बयान सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में दर्ज हुआ।

जिला जज अनिल कुमार ओझा को इस बारे में सूचना दी गयी कि जिला अदालत परिसर के सेंट्रल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कोरोना संक्रमित है और किंग जार्ज मेडिकल विश्वविदयालय में भर्ती है तब उन्होंने जिला अदालत परिसर, पुराने उच्च् न्यायालय भवन, रोशनददौला भवन, अमेरिकन लाइब्रेरी/पारिवारिक अदालत को सेनेटाइज करने के लिये दो दिन के लिये बंद करने का आदेश दिया।

विशेष सीबीआई अदालत पुराने उच्च न्यायालय भवन में स्थित है। अभी तक विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेसिंग की सुविधा भी नहीं शुरू हो पायी है। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी का 30 जून और भाजपा नेता जोशी का एक जुलाई को वीडियो कांफ्रेस से बयान होना तय था, इस बारे में विशेष अदालत ने कोई निर्देश नहीं दिया है।

राम मंदिर आंदोलन से उभरी हिन्दू वादी नेता और दुर्गा वाहिनी की पूर्व संस्थापक साध्वी ऋतंभरा ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सेामवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस के यादव के समक्ष दिये गये अपने बयान में उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस की साजिश रचने से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया था। सीबीआई की ओर से आयी गवाही को आधार बनाकर विशेष न्यायाधीश द्वारा पूछे गये प्रश्नों के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें गलत फंसाया गया है और उनके खिलाफ जो गवाही दी गयी है उसमें कोई सत्यता नहीं है।

साध्वी ऋतंभरा पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी,उप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी एवं उमा भारती सहित कुल 32 अभियुक्तों में से एक हैं। वह बतौर अठारहवें अभियुक्त के रूप में पेश हुई थीं।


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Umakant yadav

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