योगी ने किसानों को दिया तोहफा, गन्‍ना मूल्‍य में प्रति कुंतल 25 रुपये की वृद्धि

punjabkesari.in Sunday, Sep 26, 2021 - 06:02 PM (IST)

लखनऊ, 26 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले नौ महीने से जारी आंदोलन और संयुक्त किसान मोर्चा के ''भारत बंद'' से एक दिन पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने केंद्र और राज्‍य सरकारों द्वारा किसानों के हक में लागू की गई योजनाओं की चर्चा करते हुए गन्‍ना मूल्‍य में प्रति कुंतल 25 रुपये वृद्धि की घोषणा की।

मुख्‍यमंत्री आदित्‍यनाथ ने लखनऊ के वृंदावन योजना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा द्वारा आयोजित ''किसान सम्मेलन'' में कहा, ‘‘राज्य सरकार ने तय किया है कि अब तक प्रति कुंतल जिस गन्ने का दाम 325 रुपये मिलता था उसमें 25 रुपये की वृद्धि की जाएगी और अब प्रति कुंतल 350 रुपये मिलेगा।''''
योगी ने कहा, ‘‘सरकार ने तय किया है कि सामान्य गन्ने के मूल्य (315 रुपये प्रति कुंतल) में 25 रुपये की वृद्धि कर उसे 340 रुपये प्रति कुंतल किया जा रहा है। मुश्किल से करीब एक फीसदी बचे अनुपयुक्‍त गन्ना की कीमत में भी प्रति कुंतल 25 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।’’
मुख्‍यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि नई तकनीक के साथ किसान को अत्याधुनिक बीज दें ताकि वह अगेती गन्ना उत्पादन की दिशा में आगे बढ़े।’’ योगी ने किसानों को इस नई घोषणा के फायदे बताते हुए कहा, ‘‘इससे गन्ना किसानों की आय में अतिरिक्त आठ फीसदी की वृद्धि होगी और 45 लाख किसानों के जीवन में परिवर्तन होगा। ’’ उन्होंने कहा कि इससे 119 चीनी मिलों को चलाना है और उसे इथेनॉल के साथ जोड़ना है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले नौ महीने से आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में 27 सितंबर को ''भारत बंद'' का ऐलान किया।

महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने वोट की चोट देने का आह्वान करते हुए कहा था, ''''अब यह नारा लगाना पड़ेगा कि पूर्ण रूप से फसलों के दाम नहीं तो वोट नहीं।’’ टिकैत ने आरोप लगाया था कि बसपा और सपा सरकारों में गन्‍ना मूल्‍य में वृद्धि हुई थी लेकिन किसान विरोधी भाजपा नीत सरकार ने चार साल में गन्‍ना मूल्‍य में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा था, ''''ये दंगा करवाने लोग हैं और इनको यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर कोई गुजरात या उत्तराखंड से चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बन जाता है तो हमें आपत्ति नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश की धरती पर इन दंगाइयों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।''''
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाते हुए कहा, ''''मुजफ्फरनगर में 2013 के दंगे में मरने वाला कोई था तो किसान था। वहां जान गंवाने वाला कोई था तो किसान के बेटे थे, तब सरकार दंगाइयों का सम्मान कर रही थी लेकिन हमारी सरकार में साढ़े चार साल में कोई दंगा नहीं हुआ।''''
योगी ने कहा, ''''एक बार पश्चिम में एक सांसद ने मुझे बताया था कि वहां गाय भैंस चोरी हो जाती थी। हमने पूछा कि क्या वहां इतनी अराजकता है तो बताया कि अगर भैंसा गाड़ी चल रही है और गाड़ीवान कहीं पांच-दस मिनट के लिए भी चला गया तो भैंसा गायब हो जाता था।'''' मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, ''''अब प्रदेश में अवैध स्लाटर हाउस (बूचड़खाने) बंद हो गये हैं और निराश्रित गौ स्थल चल रहे हैं।''''
योगी ने गैर भाजपा सरकारों के कार्यकाल को प्रदेश के लिए अंधकार का युग बताते हुए कहा कि तब किसान आत्महत्या कर रहा था और गरीब भूख से मर रहा था लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर देश का भाग्योदय हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान आत्महत्या कर रहे थे तो न सपा बोल रही थी, न बसपा बोल रही थी और कांग्रेस को तो जनता ने बोलने लायक छोड़ा भी नहीं था, तब भी किसानों की लड़ाई हम ही लड़ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2021 के बीच प्रदेश या देश में किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की है।

किसानों के हक में लागू योजनाओं पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शाहजहांपुर में लागत का डेढ़ गुना किसानों के खाते में देने की घोषणा की थी और सही मायने में किसान सम्मान निधि के माध्‍यम से अगर किसी ने किसानों को पेंशन दी है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने पराली जलाने वाले किसानों से मुकदमा वापस लिए जाने की भी याद दिलाई।

कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भी संबोधित किया।


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PTI News Agency

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