योगी सरकार की बड़ी पहल; भूमिहीन किसानों और गरीब परिवारों को यूपी में ऐसे मिल रही जमीन, 70% टारगेट पूरा
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 04:14 PM (IST)
यूपी न्यूज: उत्तर प्रदेश सरकार की समावेशी विकास नीति अब जमीन पर असर दिखा रही है। जिन गरीब परिवारों और किसानों के पास न खेती की जमीन थी और न रहने के लिए घर, उनके लिए सरकार राहत लेकर आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व विभाग ने बड़े स्तर पर भूमि सुधार अभियान चलाया है, जिसमें अब तक करीब 70 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है।
1076 किसानों को मिली खेती की जमीन
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1076 भूमिहीन और सीमांत किसानों को खेती के लिए जमीन दी जा चुकी है। इन किसानों को कुल 151.80 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि का आवंटन किया गया है। खेती की जमीन देने के लक्ष्य का 69.16 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो गया है।
3754 परिवारों को मिला घर बनाने का हक
सरकार ने सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए भी जमीन दी है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 3754 परिवारों को आवासीय प्लॉट आवंटित किए गए हैं। यह तय लक्ष्य का 70.90 प्रतिशत है। इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन जीने वाले परिवारों को मिला है।
इन वर्गों को मिल रही प्राथमिकता
इस योजना का उद्देश्य सामाजिक न्याय को मजबूत करना है। जमीन आवंटन में इन वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पभूमि और सीमांत किसान,
कैसे होता है जमीन का आवंटन?
जब किसी किसान के पास अपनी जमीन होती है, तो उसकी आमदनी स्थिर होती है। इससे न सिर्फ किसान मजबूत होता है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन भी बढ़ता है। वही, राजस्व विभाग ग्राम सभा की जमीन की पहचान करता है। इसके बाद पात्र लोगों की सूची बनाकर उन्हें खेती या आवास के लिए पट्टा दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
कहां करें संपर्क?
अगर आप भूमिहीन किसान हैं या आपके पास बहुत कम जमीन है, तो अपने क्षेत्र के लेखपाल या तहसील कार्यालय में जाकर इस योजना की जानकारी और पात्रता के बारे में पता कर सकते हैं।

